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राष्ट्रपति भवन में कोरियाई मेहमानों ने चखा 'गुलाब बाटी-चूरमा से खीरंद मालपुआ'; 1.5 महीने में तैयार राजस्थानी मेन्यू देख मुंह में आ जाएगा पानी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हाल ही में साउथ कोरियन प्रेसिडेंट के लिए खास शाही दावत का आयोजन किया था. जहां खासतौर पर उनके लिए खीरंद मालपुआ से शाही बाटी-चूरमा तक, कई तरह के राजस्थानी पकवान बनवाए गए थे. विदेशी मेहमानों को यह राजसथानी खाना बहुत पसंद आया है और इस मेन्यू को जानकर आपके मुंह भी पानी आ जाएगा.

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राजस्थानी खाने का स्वाग विदेशों तक फेमस है. (PHOTO:ITG)
राजस्थानी खाने का स्वाग विदेशों तक फेमस है. (PHOTO:ITG)

राष्ट्रपति भवन की दावत हमेशा ही खास होती है और कई दिनों तक उसके चर्चे भी होते हैं. ऐसा ही इस बार भी देखने को मिला, हाल ही में राष्ट्रपति भवन में एक बेहद खास और बड़े राजकीय दावत का आयोजन किया गया, जिसमें राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और स्वादिष्ट खाने की झलक देखने को मिली.

यह शाही दावत भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के लिए खासतौर पर रखी थी. इस खास मौके पर कई सीनियर नेता और विदेशी मेहमान मौजूद रहे. इस पार्टी की सबसे खास चीज इसका राजस्थानी मेन्यू था, जिसे सुनकर ही आपके मुंह में पानी आ जाएगा.

इस राजस्थान के पारंपरिक डिशेज से सजे मेन्यू को शेफ डॉ. सौरभ शर्मा और उनकी टीम ने तैयार किया था. इस मेन्यू में राजस्थान के अलग-अलग इलाकों जैसे जैसलमेर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर और जयपुर के मुख्य स्वाद को शामिल किया गया था, हर डिश में परंपरा और मॉर्डन का खूबसूरत कॉम्बिनेशन देखने को मिला.

राजस्थानी मेन्यू में क्या थी स्पेशल डिशेज

इस राजस्थानी मेन्यू में साउथ कोरियन मेहमानों को राजस्थान का मशहूर दाल-बाटी चूरमा नहीं बल्कि गुलाब बाटी-चूरमा  परोसा गया, जिसका टेस्ट ही उसे रॉयल बनाता है. इसके अलावा इस दावत में जोवार का राब, धुंगरी पालक मंगोड़ी, चांदी वाली दाल, गोविंद गट्टा और जैसलमेरी पुलाव शामिल थे. 

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मीठे में परोसा गया मालपुआ-घेवर 
 
खाने के बाद राजस्थानी मिठाइयों ने तो जैसे मेहमानों का दिल जीत लिया, आखिर में खीरंद मालपुआ और घेवर जैसी पारंपरिक मिठाई ने मेहमानों को राजस्थान के असली स्वाद से रूबरू कराया. 

कितने महीने में तैयार हुआ मेन्यू

सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इस मेन्यू को बनाने में एक दिन नहीं बल्कि करीब डेढ़ महीने की मेहनत के बाद तैयार किया गया था. शेफ सौरभ शर्मा ने बताया कि उन्होंने पारंपरिक राजस्थानी रसोई, पुराने पकाने के तरीकों और स्थानीय सामग्री पर गहराई से रिसर्च की थी, उसके बाद यह मेन्यू तैयार हुआ. 

विदेशी मेहमानों ने कब-कब चखा देसी स्वाद

वैसे यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रपति भवन में विदेशी मेहमानों के लिए स्पेशल फूड तैयार किया गया हो. इस साल जनवरी के महीने में गणतंत्र दिवस के मौके पर यूके के मेहमानों को हिमालियन फूड परोसा गया था, जहां पहाड़ी खाने ने सबका दिल खुश कर दिया था. उससे पहले दिसंबर 2025 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दक्षिण भारतीय और कश्मीरी का खाना परोसा गया था. ब्राजीलियाई राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा को पश्चिमी बंगाल और ओडिशा का फूड फरवरी 2026 में  सर्व किया गया था. 
 

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