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बंद कमरे में कूलर चला रहे हैं? उमस और बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये आसान ट्रिक्स

चिलचिलाती गर्मी में बंद कमरे में कूलर चलाना उमस, सीलन और सांस की बीमारियां बढ़ा सकता है. इस समस्या से बचने के लिए बेहतर वेंटिलेशन, नियमित सफाई और सही पोजिशनिंग बेहद जरूरी है. इस आर्टिकल में हम आपको कूलर से होने वाली घुटन को कम करने और सुरक्षित कूलिंग पाने के आसान घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं.

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कूलर का पानी समय-समय पर बदलते रहना चाहिए. (PHOTO:ITG/AI)
कूलर का पानी समय-समय पर बदलते रहना चाहिए. (PHOTO:ITG/AI)

How to Reduce Humidity from Cooler: इस चिलचिलाती गर्मी में एसी और कूलर के बिना घर में बैठा भी नहीं जा रहा है. तेज धूप और उमस से राहत पाने के लिए आम इंडियन फैमिली में आज भी सबसे ज्यादा कूलर का इस्तेमाल किया जाता है. कूलर कमरे को ठंडा तो करता है, सुकून की नींद भी देता है. मगर छोटे घरों में लोग कमरे के अंदर ही कूलर रखकर चलाते हैं. 

अगर इसे पूरी तरह बंद कमरे में चलाया जाए तो यह सेहत के लिए परेशानी भी खड़ी कर सकता है. इसके साथ ही बंद कमरे में कूलर चलाने से ज्यादा उमस और गर्मी भी होती है. इसके अलावा लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ हो सकती है, ऐसे में कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

बंद कमरे में कूलर चलाते हुए इन बातों का रखें ध्यान

वेंटिलेशन जरूर रखें

कूलर हवा में नमी बढ़ाता है और जब कमरा पूरी तरह बंद होगा तो अंदर की हवा भारी और घुटनभरी हो सकती है. इसलिए खिड़की या दरवाजा थोड़ा खुला रखें ताकि ताजी हवा आती रहे.

ज्यादा नमी से हो सकती है परेशानी

लंबे समय तक बंद कमरे में कूलर चलाने से दीवारों और कमरे में सीलन बढ़ सकती है. इससे फंगस और बदबू की समस्या होने लगती है, जो एलर्जी और सांस की दिक्कत पैदा कर सकती है. जिन लोगों को अस्थमा या सांस से जुड़ी समस्या है, उन्हें खासतौर पर सावधानी बरतनी चाहिए.

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नियमित सफाई करें

कूलर के पानी और पैड्स की सफाई समय-समय पर करें, लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं, जिससे एलर्जी और इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए कोशिश करें कि हर 2 से 3 दिन में पानी बदलें.

पूरी रात लगातार न चलाएं

लगातार कई घंटों तक कूलर चलाने से शरीर में ठंडक ज्यादा हो सकती है, जिससे सर्दी-जुकाम, बदन दर्द या गले में खराश हो सकती है. इसलिए कुछ घंटों के बाद जब कमरा ठंडा हो जाए तो कूलर को बंद कर दें. आप चाहे तो टाइमर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.

बिजली और वायरिंग जांचते रहें

पुराने कूलर या खराब वायरिंग वाले उपकरणों से शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है. इस्तेमाल से पहले प्लग, वायर और मोटर की जांच जरूर करें. कूलर में हमेशा सही मात्रा में पानी रखें.

बच्चों और बुजुर्गों का रखें खास ध्यान

छोटे बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा ठंडी और नम हवा जल्दी असर कर सकती है. इसलिए कमरे का तापमान हमेशा सामान्य रखें. 

सही जगह पर रखें कूलर

कूलर को ऐसी जगह रखें जहां बाहर की हवा आसानी से अंदर आ सके. इससे कूलिंग बेहतर होती है और कमरे में ताजगी बनी रहती है. 
 

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