बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो लाता है, लेकिन अपने साथ हवा में भारी नमी भी लेकर आता है. इस मौसम में घरेलू महिलाओं और किचन संभालने वालों की सबसे बड़ी सिरदर्दी होती है. राशन को सुरक्षित रखना. मॉनसून के दस्तक देते ही नमक और चीनी पानी छोड़ने लगते हैं, बिस्कुट-नमकीन सील जाते हैं और दालों व सूजी में घुन या कीड़े लगने का खतरा दोगुना हो जाता है.
खाने-पीने की चीजों को ऐसे रखें सेफ
अगर इन चीजों पर ध्यान न दिया जाए तो यह न सिर्फ पैसों का नुकसान है बल्कि सेहत के लिए भी खतरनाक हो सकता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे आसान और बेहद असरदार घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप बारिश के दिनों में भी अपने किचन के सामान को एकदम फ्रेश और सुरक्षित रख सकते हैं.
कांच या प्लास्टिक के एयरटाइट कंटेनर: बारिश के दिनों में मसालों, दालों और चीनी को साधारण डब्बों में रखने के बजाय हमेशा एयरटाइट जार में रखें. डब्बे का ढक्कन अच्छी तरह बंद होना चाहिए ताकि बाहर की नमी अंदर न जा सके.
नमक और चीनी में डालें चावल के दाने: नमक और चीनी को नमी से पिघलने से बचाने के लिए, जार के अंदर एक छोटी सूती पोटली में थोड़े से कच्चे चावल बांधकर रख दें. चावल अतिरिक्त नमी को सोख लेता है और चीजें सूखी रहती हैं.
दालों और सूजी को ड्राई रोस्ट करें: सूजी, बेसन और दालों को कीड़ों से बचाने के लिए उन्हें स्टोर करने से पहले कड़ाही में हल्का सा ड्राई रोस्ट (भून) लें. ठंडा होने के बाद इन्हें डब्बे में रखें, इससे इनमें कभी कीड़े नहीं लगेंगे.
तेजपत्ता और लौंग का इस्तेमाल: चावल, गेहूं और आटे के डब्बे में तेजपत्ता, सूखी नीम की पत्तियां या कुछ लौंग डाल दें. इनकी तेज गंध के कारण बारिश के मौसम में भी अनाज में घुन या सफेद कीड़े नहीं आते.
बिस्कुट-नमकीन के लिए ब्लॉटिंग पेपर: अगर बिस्कुट या नमकीन का पैकेट खुल गया है तो उसे डब्बे में रखते समय नीचे और ऊपर ब्लॉटिंग पेपर या टिशू पेपर लगा दें. यह नमी को सोखकर उन्हें क्रिस्पी बनाए रखेगा. इसके अलावा बिस्किट के डिब्बे में चावल रखने से भी बिस्कुट में नमी नहीं जाती और वो लंबे समय तक कुरकुरे और ताजा बने रहते हैं. चावल एक प्राकृतिक अवशोषक की तरह काम करता है जो हवा में मौजूद नमी को सोख लेता है. इसके लिए आप एक टिश्यू पेपर में थोड़े से चावल के दाने रैप करके बिस्कुट और नमकीन के डिब्बे में रख सकते हैं.