मिठाइयों की बात हो और रबड़ी का जिक्र न आए. ऐसा हो ही नहीं सकता. दूध को धीरे-धीरे पकाकर तैयार होने वाली पारंपरिक भारतीय मिठाई अपने मलाईदार स्वाद और लच्छेदार बनावट के लिए जानी जाती है. उत्तर भारत की शादियों से लेकर बनारस की गलियों तक रबड़ी हर उत्सव का अहम हिस्सा है. बाजार में मिलने वाली रबड़ी में अक्सर मिलावट या अरारोट मिला होने का डर रहता है, लेकिन घर पर बनाई गई रबड़ी न केवल शुद्ध होती है बल्कि उसका स्वाद भी कहीं बेहतर होता है. आइए जानते हैं हलवाई जैसी गाढ़ी और लच्छेदार रबड़ी बनाने का तरीका.
सामग्री
1.5 लीटर फुल क्रीम दूध
1/4 कप चीनी (या स्वादानुसार)
1/2 चम्मच इलायची पाउडर
8-10 केसर के धागे (दूध में भिगोए हुए)
बारीक कटे सूखे मेवे (बादाम, पिस्ता और काजू)
1 चम्मच गुलाब जल (ऑप्शनल)
बनाने की विधि
दूध उबालें: एक भारी तले वाली चौड़ी कढ़ाई में दूध डालें और तेज आंच पर एक उबाल आने दें.
मलाई इकट्ठा करें: आंच को धीमा कर दें. जब दूध के ऊपर मलाई की परत आए, तो उसे एक लकड़ी की करछी या चम्मच से कढ़ाई के किनारों पर चिपकाते जाएं.
पकाएं: बीच-बीच में कढ़ाई के तले में दूध को चलाते रहें ताकि वह जले नहीं, लेकिन ऊपर की मलाई को डिस्टर्ब न करें, उसे किनारों पर ही रहने दें.
गाढ़ा करें: जब दूध पकते-पकते अपनी मात्रा का एक-तिहाई (1/3) रह जाए. तब इसमें चीनी, केसर वाला दूध और इलायची पाउडर डालें.
लच्छे मिलाएं: चीनी घुलने के बाद, कढ़ाई के किनारों पर चिपकी हुई सारी मलाई को खुरचकर वापस गाढ़े दूध में डाल दें. यही मलाई रबड़ी को असली लच्छेदार बनावट देगी.
फिनिशिंग: अब इसमें कटे हुए सूखे मेवे डालें और 2 मिनट और पकाकर गैस बंद कर दें.
सर्व करें: इसे आप गरमागरम परोस सकते हैं या फ्रिज में ठंडा करके इसका आनंद ले सकते हैं.