
आमतौर पर प्रेग्नेंसी के आखिरी दिनों में महिलाओं को ज्यादातर आराम करने और हल्की एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है. लेकिन हाल ही सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने लोगों को चौंका दिया है. बेंगलुरु की योगा टीचर शशि प्रभा द्विवेदी ने कुछ ऐसा किया जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. 9 महीने की प्रेग्नेंट शशि प्रभा का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो साड़ी पहनकर कई कठिन योगासन करती नजर आ रही हैं.
वीडियो में शशि को चक्रासन (व्हील पोज) जैसे एडवांस आसन भी करते देखा गया. इस वीडियो को अब तक 2 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है. जहां कई लोग उनकी फिटनेस, फ्लेक्सिब्लिटी और कॉन्फिडेंस की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ लोगों का मानना है कि डिलीवरी से ठीक पहले इस तरह के कठिन योगासन करना जोखिम भरा हो सकता है. सोशल मीडिया पर ये मुद्दा तेजी से उठ रहा है.
'ये मेरी सालों की मेहनत का नतीजा है'- शशि प्रभा
वीडियो शेयर करते हुए शशि प्रभा ने कहा कि लोग प्रेग्नेंसी में सिर्फ उनके योगासन देख रहे हैं, लेकिन इसके पीछे उनकी सालों की मेहनत, शरीर पर कंट्रोल और लगातार प्रैक्टिस है. उन्होंने लिखा, '39 हफ्ते, 9 महीने और यही मेरी सच्चाई है. प्रेग्नेंसी मेरे लिए कुछ साबित करने का जरिया नहीं रही, बल्कि अपने शरीर और उसकी क्षमता से जुड़े रहने का एक खूबसूरत अनुभव रही है.'
इसके साथ ही उन्होंने साफ कहा कि हर महिला की प्रेग्नेंसी अलग होती है और किसी भी तरह की एक्सरसाइज या योग शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.

प्रेग्नेंसी के दौरान भी जारी रखा योग
शशि प्रभा ने बताया कि प्रेग्नेंसी का पता लगने के बाद भी उन्होंने योग करना नहीं छोड़ा था. उनके गायनेकोलॉजिस्ट ने उन्हें सावधानी बरतते हुए अपने नियमित योगासन जारी रखने की परमीशन दी थी. उन्होंने एक दिलचस्प घटना का भी जिक्र किया.
शशि प्रभा के मुताबिक, एक बार जब वो स्कैन कराने गई थीं तो बच्चा सही कंडीशन में नहीं आ रहा था. तब वो हॉस्पिटल के कॉरिडोर में गईं और हैंडस्टैंड किया. इसके बाद दोबारा टेस्ट कराया. उनका कहना है कि इस अनुभव के बाद उन्हें भरोसा हो गया कि मां के गर्भ में बच्चा बहुत सुरक्षित रहता है.
मां ने डांटा, लेकिन पति ने दिया साथ
शशि प्रभा ने अपनी बात रखते हुए आगे बताया कि जब भी वो अपने योग के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करती हैं, तो लोग तरह-तरह की राय देते हैं. कई लोग इसे उनके और उनके बच्चे के लिए खतरनाक बताते हैं, तो कुछ इसे सिर्फ पब्लिसिटी स्टंट मानते हैं.
उन्होंने कहा कि उनकी अपनी मां को भी डर लगता था और वो कई बार उन्हें डांट चुकी हैं. मां को हमेशा चिंता रहती थी कि कहीं इस तरह के योगासन से उन्हें या बच्चे को कोई नुकसान न हो जाए. हालांकि, उनके पति ने हमेशा उनका साथ दिया. उनके अनुसार, उनके पति ने परिवार को समझाया कि उनके लिए योग मैट पर अभ्यास करना कार चलाने या सीढ़ियां चढ़ने-उतरने से भी ज्यादा सेफ है, क्योंकि वो सालों से इसे कर रही हैं और अपने शरीर की लिमिट्स को अच्छी तरह से समझती हैं.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
शशि प्रभा ने ये वीडियो शेयर करते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है. लेकिन वीडियो देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स के बीच बहस छिड़ गई है. कई लोगों ने सवाल उठाया कि डिलीवरी से ठीक पहले इस तरह के कठिन योगासन करना क्या बच्चे की सेहत के लिए सुरक्षित है. कुछ यूजर्स ने इसे बिना मतलब का खतरा बताया, जबकि कुछ ने कहा कि सोशल मीडिया पर व्यूज और कंटेंट के लिए ऐसी चीजें बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए.
एक यूजर ने लिखा, 'बच्चे के बारे में भी सोचिए, सिर्फ व्यूज के लिए ऐसा करना सही नहीं है.' वहीं एक अन्य यूजर ने शशि की वीडियो देखकर कहा, 'फिटनेस जरूरी है, लेकिन बच्चे की सुरक्षा उससे ज्यादा जरूरी है.'

कुछ लोगों ने किया समर्थन
दूसरी तरफ, कई लोगों ने शशि प्रभा को सपोर्ट भी किया. उनका कहना था कि जो लोग सालों से योग या फिटनेस से जुड़े होते हैं, वो डॉक्टर की एडवाइस के साथ प्रेग्नेंसी के दौरान भी एक्टिव रह सकते हैं. एक यूजर ने लिखा, 'वह प्रोफेशनल योग टीचर हैं. उनके लिए ये आसन करना उतना मुश्किल नहीं होगा जितने आम लोगों को लग सकता है.'
कई लोगों ने ये भी कहा कि प्रेग्नेंसी में योग और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज फायदेमंद हो सकती है, बशर्ते महिला कंफर्टेबल हो और डॉक्टर की सलाह भी हो.