How To Grow Rose Plant: क्या आप भी अपने घर में गुलाब का पौधा लगाना चाहते हैं? अगर हां, तो सितंबर से नवंबर तक का समय गुलाब लगाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. इसके लिए हर बार नर्सरी से नया पौधा खरीदने की जरूरत नहीं है. अगर आपके घर, पड़ोसी या किसी दोस्त के गमले में गुलाब का हेल्दी पौधा लगा है, तो उसकी एक अच्छी कटिंग/टहनी/कलम से आप घर पर ही नया पौधा तैयार कर सकते हैं.
खास बात ये है कि गुलाब की टहनी से नया पौधा तैयार करने के लिए किसी महंगे सामान या खास मशीन की जरूरत नहीं पड़ती. बस सही टहनी चुनने से लेकर उसे मिट्टी में लगाने, पानी देने और धूप का ध्यान रखने तक कुछ छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखना जरूरी है. अगर आप अपनी बालकनी, छत या छोटे से गार्डन को गुलाब के खूबसूरत फूलों से सजाना चाहते हैं, तो ये तरीका आपके काफी काम आ सकता है. सही तरीके से लगाई गई कटिंग कुछ समय बाद जड़ें पकड़कर नए गुलाब के पौधे में बदल सकती है. चलिए जानते हैं कि आप कैसे सिर्फ एक टहनी की मदद से गुलाब का पौधा आसानी से तैयार कर सकते हैं.
चुनें सही टहनी
गुलाब की टहनी से पौधा तैयार करने में सबसे पहली और सबसे जरूरी चीज है सही टहनी/कटिंग चुनना. इसके लिए ऐसी हरी और हेल्दी कलम लें, जो करीब 10-15 सेंटीमीटर लंबी हो. टहनी न तो बहुत ज्यादा मुलायम हो और न ही बहुत पुरानी और सख्त. कोशिश करें कि टहनी किसी ऐसे पौधे की हो, जिसमें किसी तरह की कोई बीमारी या कीड़ा ना लगा हो. बहुत पुरानी या कमजोर टहनी लगाने से कटिंग के पौधा उगने के चांस बहुत कम हो सकते हैं.
टहनी को ऐसे करें तैयार
अब चुनी हुई टहनी के निचले हिस्से पर लगे पत्तों को हटा दें. ऊपर की तरफ सिर्फ 2-3 पत्तियां रहने दें. इससे कटिंग की सारी एनर्जी जड़ बनाने में लगती है.
टहनी के निचले हिस्से को साफ चाकू या प्रूनिंग कैंची से हल्का तिरछा काटें. कटिंग लेते समय साफ औजार का इस्तेमाल करना बेहतर होता है, ताकि इंफेक्शन का खतरा कम रहे.
कैसी मिट्टी में लगाएं गुलाब की कटिंग?
कटिंग लगाने के लिए ऐसी मिट्टी लें जो हल्की, ढीली और अच्छी ड्रेनेज वाली हो. आप पोटिंग मिक्स के साथ रेत और कोकोपीट मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
अब इस मिट्टी को किसी छोटे गमले में भरें और बीच में उंगली या किसी पतली लकड़ी की मदद से जगह बनाएं. तैयार की गई गुलाब की टहनी को मिट्टी में सावधानी से लगा दें और उसके आसपास की मिट्टी हल्के हाथ से दबा दें. ध्यान रखें कि गमले में पानी निकलने के लिए नीचे छेद जरूर हों. गुलाब की कटिंग को बहुत ज्यादा पानी में रखने से सड़ने का खतरा रहता है.
ज्यादा पानी ना दें, बस नमी बनाए रखें
गुलाब की कलम लगाने के बाद मिट्टी को हल्का गीला रखें, लेकिन रोज-रोज भरपूर पानी डालने की जरूरत नहीं है. मिट्टी सूखने लगे तभी जरूरत के हिसाब से पानी दें.
शुरुआत में कलम को ऐसी जगह रखें जहां हल्की रोशनी मिले लेकिन तेज सीधी धूप न पड़े. नमी बनाए रखने के लिए गमले के ऊपर ट्रांसपेरेंट प्लास्टिक कवर या किसी कटी हुई ट्रांसपेरेंट बोतल का इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे कटिंग के आसपास नमी बनी रहती है.
3-4 हफ्ते में दिखने लगेंगे जड़ बनने के संकेत
अगर गुलाब की कलम सही है और उसे सही नमी और टेंपरेचर मिल रहा है, तो करीब 3-4 हफ्तों में जड़ें बनना शुरू हो सकती हैं. हालांकि हर कलम का रिजल्ट एक जैसा नहीं होता और मौसम, डंडी की हालत और देखभाल के हिसाब से समय कम-ज्यादा हो सकता है.
जब कटिंग में नई पत्तियां निकलने लगें और पौधा अच्छी तरह जड़ पकड़ ले, तब इसे धीरे-धीरे बड़े गमले में शिफ्ट किया जा सकता है. आमतौर पर पौधे को मजबूत होने में करीब 1-2 महीने लग सकते हैं.