कर्नाटक सरकार ने मजदूरों और कामगारों के हक में एक बहुत बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने राज्य के कामगारों की न्यूनतम मजदूरी में सीधे 60 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी कर दी है. श्रम मंत्री संतोष लाड ने शनिवार को इसकी घोषणा की है.
इस फैसले के साथ ही कर्नाटक के मजदूरों की कई सालों से चली आ रही एक बहुत पुरानी और बड़ी मांग पूरी हो गई है.श्रम मंत्री ने बताया कि मजदूरी में बढ़ोतरी के इस संशोधित नोटिफिकेशन से पूरे राज्य के अधिसूचित क्षेत्रों के साथ-साथ असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लाखों मजदूरों को बड़ी आर्थिक सुरक्षा मिलेगी.
मजदूरी की दरों में ये बढ़ोतरी सुप्रीम कोर्ट के न्यूनतम मजदूरी तय करने को लेकर जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए की गई है.
वेतन ढांचे में बड़ा सुधार
कर्नाटक सरकार ने इस बार वेतन के पूरे ढांचे में एक और बड़ा सुधार किया है. मंत्री संतोष लाड ने बताया कि राज्य के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब सभी अधिसूचित रोजगारों को एक ही नोटिफिकेशन के दायरे में लाया गया है. इससे पहले तक राज्य में मजदूरी तय करने के लिए चार अलग-अलग श्रेणियों का वर्गीकरण सिस्टम लागू था, जिससे काफी भ्रम और गड़बड़ियां पैदा होती थीं.
सिंगल नोटिफिकेशन सिस्टम लागू
अब इस चार-श्रेणी वाले पुराने सिस्टम को पूरी तरह खत्म करके सिंगल नोटिफिकेशन सिस्टम लागू कर दी गई है. सरकार के इस नए और सुधरे हुए ढांचे से पूरे कर्नाटक के 81 अलग-अलग तय व्यवसायों में काम करने वाले लाखों मजदूरों को सीधा आर्थिक फायदा पहुंचने की उम्मीद है.
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इस फैसले को लागू करने के बाद श्रम मंत्री संतोष लाड ने राज्य के शीर्ष नेतृत्व और सहयोगियों का धन्यवाद किया. उन्होंने इस फैसले का पूरा समर्थन करने के लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उप-मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार, अपनी कैबिनेट के तमाम सहयोगी मंत्रियों और इस प्रक्रिया में शामिल रहे विशेषज्ञ पैनल का भी आभार जताया.