कांग्रेस के दिग्गज नेता डीके शिवकुमार लंबे इंतजार के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. शिवकुमार की ताजपोशी 3 जून को होगी. शपथ ग्रहण समारोह से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संयम बरतने की अपील की है. डीके शिवकुमार ने कहा कि उन्हें फूलों की मालाओं से एलर्जी है, इसलिए कोई उन्हें माला न पहनाए.
कर्नाटक के भावी मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि वह पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्साह को समझते हैं, लेकिन समारोह को सीमित रखना जरूरी है. उन्होंने कहा कि समर्थक बाहर से भी समारोह देखें तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन भीड़ से बचना चाहिए.
शिवकुमार ने रविवार को अपने समर्थकों से अपील की कि वे जश्न के दौरान उनके आस-पास भीड़ न लगाएं. कार्यकर्ताओं से उन्होंने कहा कि उन्हें फूलों की माला न पहनाए और न ही फूलों की गुलदस्ता भेंट करें, क्योंकि उन्होंने फूलों से एलर्जी है.
फूलों की माला पहनाकर सम्मानित न करे-शिवकमार
कर्नाटक के सीएम बनने जा रहे शिवकुमार के समर्थक जोश में है. पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखते हुए डीके शिवकुमार ने यहां पत्रकारों से कहा कि समारोह की व्यवस्थाएं सीमित रहेंगी और उन्होंने समर्थकों से सहयोग करने का आग्रह किया,
उन्होंने कहा कि मैं अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से अनुरोध करता हूं कि मैं आप सभी के उत्साह को समझता हूं, लेकिन मुझे चीजों को सीमित रखना होगा. अगर आप बाहर से आकर देखते भी हैं, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है.
शिवकुमार ने समर्थकों से विशेष अपील की कि वे उन्हें फूलों की माला पहनाकर सम्मानित न करें, क्योंकि इससे उन्हें एलर्जी की समस्या हो जाती है. उन्होंने कहा कि कृपया, कोई भी मुझे फूलों की माला न पहनाए, मुझे एलर्जी है और मैं उन्हें स्वीकार नहीं करूंगा, मैंने फूलों की मालाओं पर रोक लगा दी है.
जश्न मनाए, लेकिन संयम में भी रहे-शिवकुमार
मीडिया ने जब उन्हें बताया गया कि पूरे कर्नाटक में जश्न मनाया जा रहा है, तो डीके शिवकुमार ने कहा कि इस घटनाक्रम पर खुश होना पार्टी कार्यकर्ताओं का पूरा हक है. उन्होंने कहा कि उन्हें जश्न मनाने दीजिए; पार्टी कार्यकर्ताओं को जश्न मनाना चाहिए, लेकिन संयम में भी रहे. शपथ ग्रहण में आने के लिए कोशिश सब लोग न करें.
उन्होंने कहा कि मैं अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि मैं आप सभी के उत्साह को समझता हूं, लेकिन मुझे व्यवस्थाओं को सीमित रखना होगा. अगर आप राजभवन से बाहर से आकर देखना चाहें, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है.
'कांग्रेस का एक कार्यकर्ता सीएम बना रहा'
डीके शिवकुमार ने कहा कि सिर्फ मैं ही मुख्यमंत्री नहीं बन रहा, बल्कि पार्टी का एक कार्यकर्ता मुख्यमंत्री बन रहा है. कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता सीएम बन रहा है. कांग्रेस के साथ अपने लंबे राजनीतिक सफर को याद करते हुए उन्होंने 1979-80 से कांग्रेस के साथ अपने जुड़ाव का जिक्र किया और कहा कि एक छात्र नेता के रूप में उनका उदय जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की आकांक्षाओं को दर्शाता है.
शिवकुमार ने कहा कि 1979-80 से मैं पार्टी में हूं, एक छात्र नेता के रूप में शामिल हुआ और स्कूल और कॉलेज के दिनों से ही धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहा. यह उनकी पदोन्नति संगठन के भीतर एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता की यात्रा का प्रतीक है. हर कोई इस बात से खुश हो सकता है। मैंने कभी नहीं कहा कि उन्हें खुश नहीं होना चाहिए। एक कार्यकर्ता, जो आम लोगों में से ही एक है, आज CM बन रहा है.