एक नारियल पानी के 950 रुपये? पहली बार सुनने पर शायद आपको भी यकीन न हो. भारत में जहां सड़क किनारे 40, 50 या 80 रुपये में ताजा नारियल पानी मिल जाता है, वहीं अमेरिका में इसकी कीमत करीब 10 डॉलर, यानी लगभग 953 रुपये तक पहुंच सकती है. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में जब एक इंस्टाग्राम यूजर ने यह कीमत बताई, तो लोग हैरान रह गए. कई लोगों ने पूछा- क्या अमेरिका में नारियल नहीं उगते? या फिर कोई और वजह है कि वहां एक साधारण-सा नारियल पानी भी इतना महंगा बिकता है?
अमेरिका में नारियल की खेती बहुत कम होती है
सबसे बड़ी वजह यही है कि अमेरिका में बड़े पैमाने पर नारियल की खेती नहीं होती. वहां केवल हवाई और फ्लोरिडा जैसे कुछ गर्म इलाकों में ही नारियल के पेड़ मिलते हैं, लेकिन इतनी मात्रा में नहीं कि पूरे देश की मांग पूरी हो सके. यही कारण है कि अमेरिका को अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा दूसरे देशों से मंगाना पड़ता है. भारत, थाईलैंड, इंडोनेशिया, वियतनाम और फिलीपींस जैसे देशों से नारियल और नारियल पानी इंपोर्ट किया जाता है.
भारत में इसलिए सस्ता मिलता है
भारत दुनिया के सबसे बड़े नारियल उत्पादक देशों में गिना जाता है. यहां केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में साल भर बड़ी मात्रा में नारियल की खेती होती है. जब किसी चीज का उत्पादन देश में ही ज्यादा होता है, तो उसे दूर से मंगाने की जरूरत नहीं पड़ती. यही वजह है कि भारत में नारियल आसानी से उपलब्ध होता है और इसकी कीमत भी कम रहती है.
जिस नारियल को आप अमेरिका की दुकान में देखते हैं, वह अक्सर हजारों किलोमीटर का सफर तय करके वहां पहुंचता है. पहले उसे खेत से बंदरगाह तक ले जाया जाता है, फिर जहाज से दूसरे देश भेजा जाता है. इसके बाद उसे गोदामों में रखा जाता है और फिर ट्रक के जरिए अलग-अलग शहरों की दुकानों तक पहुंचाया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में पैकिंग, शिपिंग, कोल्ड स्टोरेज, बीमा और ट्रांसपोर्ट का खर्च जुड़ता जाता है. आखिर में यही लागत ग्राहक की जेब से वसूली जाती है.
अमेरिका में मजदूरी भी है बड़ी वजह
अमेरिका में कर्मचारियों की सैलरी भारत के मुकाबले काफी ज्यादा होती है. खेत से लेकर सुपरमार्केट तक हर जगह काम करने वाले लोगों को अधिक वेतन देना पड़ता है. इसके अलावा दुकानों का किराया, बिजली, टैक्स और दूसरे ऑपरेशन खर्च भी काफी अधिक होते हैं. इसलिए वहां बिकने वाली कई चीजें भारत के मुकाबले महंगी होती हैं और नारियल पानी भी उन्हीं में से एक है.
क्या हर जगह 950 रुपये का ही मिलता है?
अमेरिका में नारियल पानी की कीमत शहर, दुकान और ब्रांड के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है. कुछ जगह यह 4-6 डॉलर में भी मिल जाता है, जबकि एयरपोर्ट, बड़े शहरों या प्रीमियम स्टोर में इसकी कीमत 10 डॉलर या उससे भी ज्यादा हो सकती है. अमेरिका में नारियल पानी महंगा होने के पीछे एक नहीं, बल्कि कई कारण हैं- वहां नारियल का कम उत्पादन, दूसरे देशों से आयात, लंबी दूरी का सफर, महंगी मजदूरी, स्टोरेज, टैक्स और दुकानों का खर्च. यही वजह है कि भारत में 50 रुपये के आसपास मिलने वाला नारियल पानी अमेरिका में कई गुना महंगा बिकता है.
अमेरिका में नारियल क्यों नहीं उगते?
अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों का मौसम नारियल की खेती के लिए सही नहीं है. नारियल के पेड़ों को गर्म और नमी वाला उष्णकटिबंधीय मौसम चाहिए, जबकि अमेरिका के अधिकांश राज्यों में ठंड ज्यादा पड़ती है. हालांकि फ्लोरिडा और हवाई जैसे कुछ इलाकों में सीमित मात्रा में नारियल उगाए जाते हैं, लेकिन वहां होने वाला उत्पादन पूरे देश की जरूरत पूरी नहीं कर सकता. यही वजह है कि अमेरिका को बड़ी मात्रा में नारियल बाहर से मंगाने पड़ते हैं.
अमेरिका नारियल कहां से मंगाता है?
अमेरिका अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा दूसरे देशों से इंपोर्ट करता है. सबसे ज्यादा नारियल और नारियल से जुड़े उत्पाद इन देशों से आते हैं. मेक्सिको, थाईलैंड, वियतनाम, फिलीपींस, भारत, श्रीलंका और इंडोनेशिया. इन देशों से नारियल समुद्री जहाजों और कंटेनरों के जरिए अमेरिका पहुंचते हैं. लंबी दूरी, कोल्ड स्टोरेज, पैकिंग, ट्रांसपोर्ट, कस्टम ड्यूटी और स्टोर तक पहुंचाने का खर्च इसकी कीमत को काफी बढ़ा देता है.
10 डॉलर क्यों पड़ता है नारियल पानी?
अमेरिका में सिर्फ नारियल की कीमत ही नहीं बढ़ती, बल्कि उसे ग्राहकों तक पहुंचाने में भी काफी खर्च आता है. इसके पीछे कई कारण हैं. नारियल विदेश से इंपोर्ट किया जाता है. हजारों किलोमीटर की ढुलाई का खर्च जुड़ता है. पैकिंग और कोल्ड स्टोरेज पर खर्च होता है.इंपोर्ट टैक्स और अन्य शुल्क देने पड़ते हैं. वहां मजदूरी और दुकान चलाने का खर्च भी भारत की तुलना में काफी ज्यादा है. इन्हीं वजहों से जो नारियल भारत में 50 से 80 रुपये में मिल जाता है, वही अमेरिका में 10 डॉलर यानी करीब 953 रुपये तक पहुंच जाता है.
भारत में क्यों सस्ता मिलता है?
भारत में नारियल की खेती बड़े पैमाने पर होती है. उत्पादन ज्यादा होने से सप्लाई भी अच्छी रहती है. इसके अलावा खेतों से बाजार तक पहुंचने में ज्यादा दूरी तय नहीं करनी पड़ती. यही कारण है कि यहां नारियल पानी आम लोगों की पहुंच में रहता है.
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
अमेरिका में 10 डॉलर के नारियल पानी वाला वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं. कई यूजर्स ने लिखा कि भारत में तो इतने पैसों में पूरा परिवार कई बार नारियल पानी पी सकता है. वहीं कुछ लोगों ने कहा कि भारत में मिलने वाली ताजी चीजों की असली कीमत का एहसास विदेश जाकर होता है.
भारत में नारियल आसानी से उगता है, इसलिए यहां इसकी कीमत कम रहती है. वहीं अमेरिका में नारियल की खेती बहुत सीमित है और ज्यादातर नारियल दूसरे देशों से मंगाए जाते हैं. लंबी दूरी, इंपोर्ट, टैक्स और अन्य खर्चों की वजह से वहां एक नारियल पानी की कीमत 10 डॉलर यानी करीब 953 रुपये तक पहुंच जाती है. यही वजह है कि जो चीज भारत में बेहद आम है, वही विदेश में एक लग्जरी ड्रिंक जैसी लग सकती है.