
उत्तराखंड में फिर एक बार बादल फटने (Cloud burst in Uttarkhand) की खबर है. इसमें अबतक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें तीन बच्चे हैं. वहीं कुछ और लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है. 3 बच्चों के शव वहां मलबे से ही बरामद किए गए हैं. फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. मिली जानकारी के मुताबिक, ये बादल धारचूला के जुम्मा गांव में फटा है. बादल फटने से धारचूला के एनएचपीसी कॉलोनी, तपोवन में जल भराव भी हो गया है. कई आवासीय परिसर खतरे की जद में आ गए हैं. तपोवन में झील बनने से धारचूला को और खतरा हो गया है.
सीएम धामी का भी इस घटना पर ट्वीट आया है उन्होंने बताया कि फंसे हुए लोगों को जल्द निकालने की कोशिश जारी है.
बता दें कि उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा था. इसको देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़वाल क्षेत्र के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया था.
पिथौरागढ़ जनपद के जुम्मा गांव के पास भूस्खलन की वजह से 2 लोगों की दुखद मौत एवं 5 अन्य की मलबे में दबे होने की खबर है।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami)
इस विषय में जिलाधिकारी से बात कर रेस्क्यू मिशन तेज करने का निर्देश दिया है। मैं वहां फंसे लोगों की सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ।
रविवार सुबह धामी ने हेलीकॉप्टर से गढ़वाल मंडल के देवप्रयाग, तोताघाटी, तीनधारा, कौड़ियाला, ऋषिकेश, रानीपोखरी, नरेंद्रनगर, फकोट एवं चंबा के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया था.

इससे पहले पिछले हफ्ते मंगलवार को खाबड़ाला गांव में सातला देवी मंदिर के पास बादल फटने से नदियों और धाराओं में बाढ़ आ गई थी. इसकी वजह से बाढ़ का पानी घरों में घुस आया, बिजली के खंभे और पेड़ कई जगहों पर गिर गए और दो पहिया वाहन पानी में बह गए थे. हालांकि, तब किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई थी.