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चारधाम यात्रा में ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर साइबर फ्रॉड! ठग बना रहे लोगों को निशाना, I4C विंग ने जारी किया अलर्ट

चारधाम यात्रा जल्द शुरू होने वाली है. इस बीच साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं. ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर लोगों से भारी रकम ठगने के मामले सामने आ रहे हैं. जानकारी के अनुसार अब तक पुलिस ने 300 से अधिक वेबसाइट्स, सोशल मीडिया अकाउंट्स, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को ब्लॉक कर दिया है.

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केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. (Photo- ITG/representational)
केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. (Photo- ITG/representational)

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया) को यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलने के साथ होगी. केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे. यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 6 मार्च से शुरू हो चुके हैं और आप registration.touristcare.uk.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, पर इस बीच साइबर फ्रॉड करने वाले लोग चार धाम यात्रा के नाम पर होने वाली हेलीकॉप्टर बुकिंग पर बड़े स्तर पर फ्रॉड करने में जुटे हुए हैं.

कई लोग इस साइबर फ्रॉड के शिकार हो चुके हैं, इसलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के साइबर विंग I4C की तरफ से एक बड़ा अलर्ट जारी किया गया है, और यह कहा गया है कि फेक वेबसाइट जिनके जरिए साइबर फ्रॉड करने वाले लोग फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग की टिकट और ऑनलाइन बुकिंग के जरिए पैसा ले उड़ रहे हैं उनसे बचा जाए.

गृह मंत्रालय के I4C की तरफ से जानकारी मिली है कि साइबर फ्रॉड करने वाले लोग किस तरीके से हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर बड़े स्तर साइबर फ्रॉड करते हैं, आइए जानते हैं कि आखिर यह साइबर फ्रॉड कैसे हो रहा है.

साइबर क्रिमिनल्स कैसे कर रहे हैं हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर साइबर फ्रॉड?

आजकल यात्रा डिजिटल हो चुकी है. सब कुछ ऑनलाइन बुक होता है इसी बात का फायदा उठाते हैं स्कैमर्स, साइबर फ्रॉड करने वाले लोग, हूबहू वैसी डिजाइन के फेक वेबसाइट बनाते हैं जो ऑफिसियल वेबसाइट जैसा ही दिखता है और इसी पर स्कैमर्स यात्रियों को लुभाने के लिए अलग-अलग तरीके के ऐड चलाते हैं और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के जरिए अपनी वेबसाइट को सर्च में सबसे ऊपर ले आते हैं. 

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इसी वेबसाइट को असली मानकर जब लोग क्लिक करते हैं तो उसको स्कैमर्स व्हाट्सएप या दूसरे अन्य तरीके से जोड़ते हैं, और यही से उनका खेल शुरू होता है. आईडेंटिटी प्रूफ करने के लिए अपना फेक आईडी कार्ड स्कैमर के द्वारा भेजा जाता हैं और फिर जल्दी टिकट लेने के लिए स्कैमर्स प्रेशर बनाते हैं, इसके साथ ही लास्ट स्लॉट और वीआईपी एक्सेस की बात करके आपको लुभाते हैं पेमेंट के लिए यूपीआई आईडी या फिर बार कोड आपको स्कैमर्स के द्वारा दिया जाता है, और उसके बाद आपसे पैसे वसूले जाते हैं.

यह सारे बार कोड और फेक आईडी किसी म्यूल अकाउंट से जुड़े होते हैं, इसमें आपको न तो कन्फर्म बुकिंग मिलती है और आपको गलत नंबर जो दिए जाते हैं वह जब पैसे आपके चले जाते हैं तो बंद हो जाते हैं या फिर आपको फेक टिकट दिया जाता है और जब आप डेस्टिनेशन यानी चार धाम की यात्रा पर मुख्य जगह पर पहुंचते हैं तो आपका वह टिकट वैलिड ही नहीं होता है.

इस तरीके से साइबर फ्रॉड करने वाले लोग लगातार साइबर ठगी करने में जुटे हुए हैं जो की एक महत्वपूर्ण घटना है, चारधाम यात्रा करने के लिए लोग अपने घरों से निकलते हैं लेकिन इस तरीके के साइबर फ्रॉड के शिकार हो जाते हैं.

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MHA I4C के अलर्ट के बाद उत्तराखंड पुलिस ने 265 से ज्यादा संदिग्ध वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट को ब्लॉक किया.

गृह मंत्रालय के I4C विंग ने उत्तराखंड पुलिस को लगातार निर्देश देकर के चारधाम यात्रा के दौरान हो रहे साइबर फ्रॉड से बचने के लिए कई बड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. उत्तराखंड पुलिस ने गृह मंत्रालय के साइबर विंग के आदेशों का पालन करते हुए बड़ा अभियान उत्तराखंड में चलाया है, जिसमें हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं को ठगने वाले गिरोहों पर कड़ा प्रहार करते हुए पुलिस ने अब तक 300 से अधिक वेबसाइट, सोशल मीडिया अकाउंट्स, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को ब्लॉक या रिपोर्ट किया है.

दरअसल जिस तरीके से केदारनाथ धाम यात्रा के साथ-साथ बद्रीनाथ गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा की शुरुआत हो रही है, उससे पहले साइबर फ्रॉड करने वाले लोग लगातार हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं. इसी वजह से "साइबर फ्रॉड कॉम्बैट फोर्स" का उत्तराखंड में गठन किया गया है और जिसके आधार पर अब लगातार कार्रवाई की जा रही है.

जानकारी के मुताबिक पुलिस ने 111 संदिग्ध फेसबुक पेज में से 106 को सफलतापूर्वक ब्लॉक किया है, तो वहीं 16 से ज्यादा इंस्टाग्राम अकाउंट को भी संदिग्ध गतिविधियों के चलते ब्लॉक किया गया है, इन तमाम चीजों की जानकारी गृह मंत्रालय के I4C विंग को भी उत्तराखंड पुलिस के द्वारा दी गई है. 

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इसके साथ ही साइबर ठगी के इस्तेमाल में हो रहे 110 से ज्यादा मोबाइल नंबर जिनमें से लगभग 100 मोबाइल नंबर को ब्लॉक कर दिया गया है. बैंक खातों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है जिनके जरिए इस वक्त साइबर फ्रॉड किया जा रहा है, जानकारी के मुताबिक पुलिस लगातार ऐसी संदिग्ध वेबसाइट पर नजर रखे हुए हैं और लगातार कोशिश कर रही है कि ऐसे साइबर फ्रॉड करने वाले क्रिमिनल्स पर निगरानी रखी जाए.

जज से भी ठगी का मामला

उधर जानकारी यह भी मिली है कि चारधाम यात्रा के लिए मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक जज को भी साइबर जालसाजों ने शिकार बनाया है. दरअसल चारधाम यात्रा करने के लिए ऑनलाइन बुकिंग का एक ऐड देखा और उसके बाद जालसाजों के चक्कर में फंसकर इंदौर के एक जज के एक लाख से ज्यादा ठग लिए गए. इसकी FIR भी दर्ज की गई है, और उसके बाद लगातार कार्रवाई की जा रही है. 

साइबर ठग ने व्हाट्सएप पर चारधाम यात्रा का विवरण भेजा, उसके बदले उन्होंने ₹100000 जमा करने के लिए कहा गया. जज ने टिकट और अन्य बुकिंग के लिए जालसाजो के खाते में 1 लाख 7000 रुपए ट्रांसफर कर दिए थे, भुगतान के लिए भेजी यूपीआई आईडी को भी फेक तरीके से साइबर क्रिमिनल्स ने उनके पास भेजा था. जानकारी मिलने के बाद इस पर एक्शन लिया जा रहा है और बड़े स्तर पर कार्रवाई की जा रही है.

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