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बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा घोटाला: BKTC के पूर्व टेंपल अधिकारी को SIT ने किया गिरफ्तार

राजेंद्र सिंह चौहान 30 जून को ही अपने पद से रिटायर हुए थे. रिटायरमेंट के कुछ ही दिनों बाद एसआईटी ने उन्हें बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं और चोरी की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया है.

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जांच में मिले तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई. (File Photo- PTI)
जांच में मिले तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई. (File Photo- PTI)

उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान में कथित गड़बड़ी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने बड़ी कार्रवाई की है. एसआईटी ने बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के पूर्व टेंपल अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया है.

जानकारी के मुताबिक, राजेंद्र सिंह चौहान 30 जून को ही अपने पद से रिटायर हुए थे. रिटायरमेंट के कुछ ही दिनों बाद एसआईटी ने उन्हें बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं और चोरी की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया है.

एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है. जांच में मिले तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई. फिलहाल राजेंद्र सिंह चौहान से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की जांच जारी है. पूछताछ के बाद इस मामले में और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

बता दें कि सोशल मीडिया पर बद्रीनाथ मंदिर में दान की गिनती के दौरान अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद यह पूरा मामला चर्चा में आया था. इसके बाद 'भैरव सेना' नाम के एक संगठन ने भी शिकायत दर्ज कराई और इस मामले में गहन जांच तथा एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी.

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उत्तराखंड सरकार ने इन आरोपों की जांच के लिए पिछले हफ्ते 3 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया था. गढ़वाल मंडल के आयुक्त (कमिश्नर) इस समिति के अध्यक्ष हैं और ये समिति अपनी पूरी रिपोर्ट और सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपेगी. एसएसपी सुरजीत सिंह पंवार ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि मंदिर समिति के अधिकारी युधवीर फरस्वान की शिकायत पर 8 जुलाई को बद्रीनाथ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था.

जांच के लिए गठित समिति ने अपनी 18 पन्नों की रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती के दौरान ड्रेस कोड लागू करने, गिनती केंद्र और अन्य स्थानों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने, निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा श्रद्धालुओं की भागीदारी सुनिश्चित करने जैसी कई सिफारिशें की हैं.

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर बीकेटीसी अध्यक्ष कार्यालय में तैनात निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया था. बाद में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 13 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं, मंदिर के कोषाध्यक्ष का भी तबादला किया गया, क्योंकि चढ़ावे के रजिस्टर में ओवरराइटिंग के मामले सामने आए थे.

इस मामले की जांच कर रही एसआईटी अब यह भी पता लगा रही है कि क्या इस कथित गड़बड़ी में प्रमोद नौटियाल के अलावा अन्य लोग भी शामिल थे. जांच के तहत पुराने सीसीटीवी फुटेज की भी पड़ताल की जा रही है और कथित तौर पर डिलीट किए गए फुटेज को रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है.

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