उत्तराखंड के कोटद्वार में कपड़ों की दुकान का नाम 'बाबा' रखने पर शुरू हुआ विवाद अब उधम सिंह नगर के रुद्रपुर तक पहुंच गया है. कोटद्वार के जिम संचालक दीपक के समर्थन में रुद्रपुर के जिम संचालक मोहित चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर 'मैं भी मोहम्मद दीपक' लिखकर एक विवादित कमेंट पोस्ट किया.
इस पोस्ट के वायरल होते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और रुद्रपुर में मोहित के जिम के बाहर पहुंचकर जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को तहरीर सौंपकर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जिसके बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है.
कोटद्वार से शुरू हुई विवाद की चिंगारी
विवाद की शुरुआत कोटद्वार के पटेल मार्ग स्थित 'बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर' से हुई. बजरंग दल के सदस्यों ने इस दुकान के नाम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि 'बाबा' नाम रखने का अधिकार सिर्फ हिंदुओं को है, क्योंकि वहां प्रसिद्ध बाबा सिद्धबली का मंदिर है. दुकानदार का कहना था कि वह 30 वर्षों से इसी नाम से दुकान चला रहा है. इसी विरोध के दौरान बजरंग दल कार्यकर्ताओं और जिम संचालक दीपक के बीच झड़प हो गई थी, जिसने सोशल मीडिया के जरिए अन्य शहरों तक आग फैला दी.
रुद्रपुर में जिम के बाहर भारी हंगामा
रुद्रपुर के जिम संचालक मोहित चोपड़ा द्वारा दीपक के पक्ष में बयान देने और 3 तारीख को कोटद्वार जाने का एलान करने पर बजरंग दल का गुस्सा फूट पड़ा. बजरंग दल के नेता सुल्तान सिंह और विहिप के जोगेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि मोहित ने संगठन के खिलाफ बयानबाजी की है. कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने जल्द मुकदमा दर्ज नहीं किया, तो वे खुद मोहित चोपड़ा से निपटेंगे. पुलिस ने फिलहाल स्थिति को संभालने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं.
देहरादून से कोटद्वार पहुंचे कार्यकर्ताओं का तांडव
इससे पहले देहरादून से बड़ी संख्या में बजरंग दल कार्यकर्ता कोटद्वार पहुंचे और मालवीय उद्यान में हंगामा किया. शहर में जुलूस निकाला गया और विरोध करने वाले युवकों के जिम के बाहर प्रदर्शन किया गया. इस दौरान सड़कों पर जाम लग गया और पुलिस को भीड़ हटाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से दीपक कुमार और विजय रावत को कोतवाली में बिठा दिया है. बाद में सीएम सुरक्षा में आए अतिरिक्त पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा.
बजरंग दल का पक्ष और पुलिस की चुप्पी
बजरंग दल के प्रांतीय नेता नरेश उनियाल का कहना है कि वे किसी पार्टी के गुलाम नहीं हैं और हिंदुओं की रक्षा के लिए काम करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि वामपंथी और कांग्रेसी विचारधारा के लोग एक 'नेगेटिव वीडियो' के जरिए संगठन की छवि खराब कर रहे हैं. दूसरी ओर, जब पुलिस के उच्च अधिकारियों से इस तनावपूर्ण माहौल पर जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया. अधिकारियों का कहना है कि यह आपसी मामला है जिसे जल्द सुलझा लिया जाएगा.

स्थिति अब भी संवेदनशील
कोटद्वार में बाबा सिद्धबली मंदिर के प्रति लोगों की अपार श्रद्धा है, जिसे ढाल बनाकर यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. दुकानदार ने स्पष्ट किया था कि यदि किसी को आपत्ति है तो वह बोर्ड हटा लेगा, लेकिन बात हाथापाई और सांप्रदायिक तनाव तक पहुंच गई. फिलहाल कोटद्वार और रुद्रपुर दोनों जगहों पर पुलिस तैनात है. दीपक और विजय रावत के पक्ष में भी स्थानीय लोग कोतवाली पहुंचे हैं. प्रशासन शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है ताकि यह विवाद और बड़े संघर्ष में न तब्दील हो जाए.