उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में महिला सरकारी अस्पताल के डिलीवरी रूम में गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के नाम पर अवैध वसूली का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में पैसे के बंटवारे को लेकर बात हो रही है.
वायरल वीडियो में जिला अस्पताल की सीएमएस और स्टाफ प्रसव कक्ष में डिलीवरी और ऑपरेशन के नाम पर वसूली की रकम को आपस में बांटने की बात करती हुई दिखाई दे रही हैं. इसके चलते अब स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडिया में डॉ. फौज़िया अंजुम नोमानी अस्पताल की एक कर्मचारी से अवैध वसूली का हिसाब करते हुए कह रही हैं, ''आप इनसे 3600 रुपये से ज्यादा क्यों ले रही हैं, आप 2400 ले लीजिए, तीन -तीन सौ रुपये बांटेंगे. डॉक्टर आगे कह रही हैं कि आपलोग अपने स्तर पर मैनेज कर लिया करो, मुझे ज्यादा मिलना चाहिए.''
वीडियो में एक महिला कह रही है कि आपको 60 (60 हजार रुपये) मिला तो है. यह लड़ाई किस बात की है. बाद में दूसरी महिला कहती है, ''यह लड़ाई सीजर की नहीं, डिलीवरी की है. सीएमएस उस वीडियो में कहती हैं कि डिलीवरी में जैसे 700 रुपये लिया जाता है.''
वीडियो के अंत में किसी महिला कर्मचारी को बुआ संबोधित करते हुए कहा जाता है कि 200 रुपये दे दो और आप लोग 250-250 ले लो. देखें Video:
वीडियो सामने आने के बाद साफ हो गया है कि महिला जिला अस्पताल में मरीजों के इलाज के नाम पर तीमारदारों से लाखों रुपये की वसूली की जाती है जिसमें जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. फौजिया अंजुम नोमानी भी शामिल हैं.

Aajtak की खबर का संज्ञान लेते हुए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने 24 घंटे में महानिदेशक से इस मामले में रिपोर्ट मांगी थी. इस आदेश पर चित्रकूट के अपर निदेशक डॉ. नरेन्द्र सिंह तोमर ने गुरूवार को जांच कर शासन को रिपोर्ट भेज दी है. अपर निदेशक ने अपनी जांच में जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. फौजिया अंजुम नोमानी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है.
मेरे खिलाफ साजिश: डॉ फौज़िया
वहीं, महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ फौज़िया अंजुम नोमानी ने अपने वायरल हो रहे वीडियो पर सफाई देते हुए कहा, हम लोग मरीजों का पैसा जमा कराते हैं, यह उसी का वीडियो हो सकता है, बिना मेरी अनुमति के पता नहीं किसने वीडियो बनाया, मेरे खिलाफ साजिश हो रही है और ब्लैकमेल करने के लिए यह वीडियो बनाया गया है. वीडियो पूरी तरह फर्जी है.
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