राष्ट्रीय पशु की पदवी पर बाघ की ही बादशाहत बनी रहेगी. जी हां, लखनऊ की रहने वाली ऐश्वर्या पाराशर (13) द्वारा दायर एक आरटीआई अर्जी पर भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा दिए गए जबाब से यह स्पष्ट हो गया है.
ऐश्वर्या के मुताबिक, बीते अप्रैल में केंद्र सरकार द्वारा बाघ की बजाय शेर को राष्ट्रीय पशु बनाने पर विचार करने की खबरें पढ़ने के बाद व्यथित हो गई थीं इसीलिए मामले की तह तक जाने के लिए उन्होंने लगाकर राष्ट्रीय पशु को बदलने की कार्यवाहियों के रिकॉर्ड की मांग की थी.
अर्जी को भारत के गृह सचिव को अंतरित किया था. भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन कार्यरत राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण ने बताया है कि प्राधिकरण को में कोई प्रस्ताव नहीं मिला है.
ऐश्वर्या की आरटीआई के खुलासे से अटकलों पर पूर्णविराम लग गया है. इसमें कहा गया था कि झारखंड से राज्यसभा सांसद परिमाल नाथवानी ने राष्ट्रीय पशु को बाघ से बदलकर शेर को बनाने का एक प्रस्ताव ' ' को भेजा था. मंत्रालय ने भी इस प्रस्ताव में रुचि दिखाई थी.
-इनपुट IANS से