प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) का दौरा किया. पीएम ने यहां रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की शुरुआत की. इस सेंटर को जापान की मदद से बनाया गया है, अपने संबोधन में पीएम मोदी ने जापान की तारीफ की, साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को भी याद किया.
शिंजो आबे को लेकर क्या बोले मोदी...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जापान (Japan) के मेरे मित्र शिंजो आबे जी ऐसे व्यक्ति हैं, जिनका नाम भूला नहीं जा सकता है. बता दें कि शिंजो आबे जब जापानी प्रधानमंत्री के तौर पर वाराणसी आए थे, तभी इस सेंटर की नींव रखी गई थी.
पीएम मोदी ने यहां जिक्र किया कि जब शिंजो आबे प्रधानमंत्री के तौर पर काशी आए थे, तब रुद्राक्ष के आइडिया पर लंबी चर्चा हुई थी. उन्होंने तुरंत ही अपने अधिकारियों से काम करने को कहा. जापान के लोगों ने परफेक्शन के साथ इसपर काम शुरू कर दिया.
आज के इस आयोजन में एक और व्यक्ति हैं, जिनका नाम लेना मैं भूल नहीं सकता। जापान के ही मेरे एक और मित्र- शिंजो आबे जी।
— PMO India (@PMOIndia)
मुझे याद है, शिंजों आबे जी जब प्रधानमंत्री के तौर पर काशी आए थे, तो रुद्राक्ष के आइडिया पर उनसे मेरी चर्चा हुई थी: PM
पीएम मोदी ने कहा कि इस इमारत में जापान-भारत की दोस्ती का कनेक्ट है और भविष्य के लिए कई स्कोप भी हैं. कुछ दिन पहले गुजरात में जापान के ज़ेन गार्डन की शुरुआत की गई है. जापान भारत का सबसे भरोसेमंद दोस्त है.
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काशी ने विकास की गंगा बहा दी...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर कहा कि बनारस का मिजाज ऐसा है कि जब कभी ये शहर मिलता है तो भरपूर रस एक साथ देता है. पीएम मोदी ने कहा कि महादेव के आशीर्वाद से काशिवासियों ने विकास की गंगा बहा दी.
I am delighted to be inaugurating a convention centre Rudraksh in Varanasi. Constructed with Japanese assistance, this state-of-the-art centre will make Varanasi an attractive destination for conferences thus drawing more tourists and businesspersons to the city.
— Narendra Modi (@narendramodi)
पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना काल में जब दुनिया ठहर गई थी, तब काशी अनुशासित हुई थी लेकिन विकास की धारा यहां पर अविरल बहती रही थी. पीएम मोदी ने कहा कि जापान के लोगों को विशेष धन्यवाद जो भारत के परममित्र हैं.
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र ‘रुद्राक्ष’ प्राचीन काशी की सांस्कृतिक समृद्धि की झलक प्रस्तुत करेगा. इस केंद्र में 108 रुद्राक्ष लगाए गए हैं और इसकी छत शिवलिंग के आकार में बनाई गई है. यह दो मंजिला केंद्र सिगरा क्षेत्र में 2.87 हेक्टेयर जमीन पर बनाया गया है और इसमें 1,200 लोगों के बैठने की व्यवस्था है.