मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ ने गोरखनाथ मठ निशारात्रि पूजा और शस्त्र पूजा की है. इसके बाद शुक्रवार को योगी ने कन्या पूजन किया और कन्याओं के पैर धोए. सीएम ने ट्वीट कर भी इसकी जानकारी दी.
उन्होंने कहा, 'आज गोरखपुर स्थित आवास पर रामनवमी के पावन अवसर पर कन्या पूजन किया. सनातन हिन्दू धर्म में कुमारी कन्याओं का पूजन एवं सत्कार आदि शक्ति मां भगवती दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का पूजन है. पूजन एवं आरती विधि विधान से सम्पन्न करने के उपरान्त उन्हें भोजन व प्रसाद और दान-दक्षिणा देकर विदा किया गया.'
आज गोरखपुर स्थित आवास पर रामनवमी के पावन अवसर पर कन्या पूजन किया।— Yogi Adityanath (@myogiadityanath)योगी आदित्यनाथ इन दिनों गोरखपुर में अपने मठ गोरक्षनाथ पीठ में साधना में लीन है, नवरात्र के आखिरी 4 दिनों में बतौर महंत वह शक्ति पूजा कर रहे हैं. सीएम योगी नवरात्र में उपवास रखते हुए एक तरफ शक्ति की साधना कर रहे हैं तो दूसरी तरफ सरकार भी चला रहे. सनातन हिन्दू धर्म में कुमारी कन्याओं का पूजन एवं सत्कार आदि शक्ति मॉ भगवती दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का पूजन है.
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath)
सप्तमी को किया पाठ
सप्तमी यानी कालरात्रि के दिन योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ पीठ पहुंचे. जहां उन्होंने दुर्गा सप्तशती का पाठ किया. करीब एक घंटे की पूजा में योगी ने शक्ति पाठ किया और आरती की.
अष्टमी प्रवेश पर की निशारात्रि पूजा
सप्तमी की रात और अष्टमी के प्रवेश के साथ ही योगी ने निशारात्रि पूजा की. बता दें कि देवी के उपासकों के बीच निशारात्रि की पूजा का बड़ा ही महत्व माना जाता है. इसी निशारात्रि पुजा के साथ योगी अदित्यनाथ ने शक्तिपाठ का हवन भी किया. निशारात्रि पूजा कर्मफल देने वाली मानी जाती है.
निशारात्रि पूजा के साथ शस्त्रपूजा भी
अपने पुजारी के साथ घंटो बैठकर योगी आदित्यनाथ ने निशा रात्रि पूजा के साथ-साथ शस्त्र पूजा भी की. शस्त्र पूजा में मठ में मौजूद तमाम शस्त्रों को निकालकर उचित विधि से उसका पूजन किया जाता है. पिछले साल तक जब योगी आदित्यनाथ सिर्फ सांसद और महंत हुआ करते थे तब तक शास्त्रों के सार्वजनिक प्रदर्शन के साथ-साथ उसकी पूजा होती थी. लेकिन इस बार यह पूजा देवी की अनुष्ठान की जगह पर ही की गई है और इसका कोई सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं हुआ.
योगी कई सालों से कर रहें नवरात्र व्रत
योगी आदित्यनाथ ने अपनी नवरात्र पूजा के बारे में 'आजतक' को बताया कि वह कई सालों से नवरात्र का व्रत करते आ रहे हैं, जिसमें पूरे 9 दिन उपवास पर होता है. सुबह-शाम शक्ति का पाठ करते हैं. आरती करते हैं. विधि विधान से नवरात्र शहर देव की पूजा संपन्न करते रहे हैं. इससे उन्हें पॉजिटिव एनर्जी मिलती है और यही फिलहाल शासन चलाने के उनके काम आ रही है.
ऐसे होगा नवरात्र पर्व का समापन
सीएम योगी कई सालों से पूजा करते आ रहे हैं. इस साल बतौर मुख्यमंत्री भी वह करेंगे. दशमी के दिन मंदिर प्रांगण में योगी निकलेगी जो कि मानसरोवर तक जाएगी. इसमें बतौर महंत वह जुलूस का नेतृत्व करेंगे और इसी शोभायात्रा के साथ नवरात्र का यह पर्व का समापन होगा.