मुंबई में एक 42 साल के व्यक्ति के शरीर से निकाले गए दिल को दिल्ली के एक अस्पताल तक लाने में करीब ढाई घंटे का समय लगा. अधिकारियों ने बताया कि प्रतिरोपण सर्जरी के लिए लाए जा रहे इस दिल को पहले हवाई मार्ग से और फिर ग्रीन कॉरीडोर से होते हुए दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचाया गया.
पूरे सफर में करीब 1,100 किलोमीटर की दूरी तय की गई. अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि इस दिल को 53 वर्षीय एक महिला में प्रतिरोपित करना था और इसके लिए फिलहाल ऑपरेशन जारी है.
Thanks for tuning in. The patient will be treated under the supervision of Dr. Z. S. Meherwal, Director, Cardiovascular Surgery, at Fortis Escorts Heart Institute. #GreenCorridor #MoreToGive pic.twitter.com/XCwfirYgCt
— Fortis Healthcare (@fortis_hospital) June 26, 2018
अस्पताल के एक प्रवक्ता ने बताया, 'ओखला के फोर्टिस एस्कोर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट तक इस ह्रदय को लाने के लिए मुंबई से दिल्ली के बीच एक ग्रीन कॉरीडोर बनाया गया. इस अंग को हवाई मार्ग से और दोनों शहरों की सड़कों से होते हुए अस्पताल लाया गया और ढाई घंटे में 1,178 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए इसे अस्पताल पहुंचाया गया.'
दिल्ली एयरपोर्ट से अस्पताल की दूर करीब 23 किलोमीटर है और इस दूरी को 23 मिनट में पूरा कर लिया गया. दिल्ली पुलिस ने एयरपोर्ट से लेकर अस्पताल तक के रास्ते को ग्रीन कॉरीडोर में तब्दील कर दिया था. काफिले में शामिल 2 एंबुलेंस और प्राइवेट वाहनों को बिना किसी रोक-टोक के सीधा एयरपोर्ट से अस्पताल लाया गया.
एंबुलेंस के अस्तपाल पहुंचते ही स्टाफ ने फुर्ती दिखाते हुए विशेष वातावरण में रखे गए इस दिल को अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में पहुंचाया.