पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पूरा देश श्रद्धांजलि दे रहा है. कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने सुषमा को याद करते हुए कहा कि वह (सुषमा) जब भी मिलती थीं, तब मुझसे कहती थीं 'जयरामजी की'.
जयराम रमेश ने कहा कि मैंने एनजीटी बिल, भूमि अधिग्रहण बिल और आंध्र प्रदेश पुनर्गठन बिल पर सुषमा स्वराज के साथ काम किया था. वह ओजस्वी वक्ता थीं. मैंने कुछ हफ्तों पहले ही उनसे (सुषमा) मुलाकात की थी और उनकी सेहत में सुधार हो रहा था.
पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन पर हर कोई शोक व्यक्त कर रहा है. मंगलवार रात को हार्ट अटैक आने के बाद उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. आज उनका अंतिम संस्कार होना है.
सुषमा स्वराज ऐसी नेता रहीं हैं जिनके प्रभाव में पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के भी नेता रहते थे. तभी उनके निधन पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला, दिग्विजय सिंह भी सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि देने पहुंचे. कांग्रेस के कई दिग्गज नेता भी सुषमा स्वराज के अंतिम दर्शन करने को पहुंचे.
My tribute to Sushma Swaraj
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh)
भारतीय जनता पार्टी के लौहपुरुष और देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने भी एक बयान जारी कर शोक व्यक्त किया. आडवाणी ने लिखा कि सुषमा का निधन न सिर्फ देश बल्कि निजी तौर पर उनके लिए भी एक बड़ी क्षति है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सुषमा को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके आवास पर पहुंचे. सुषमा के अंतिम दर्शन करके पीएम मोदी भावुक हो गए.