रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आरोप लगाया कि कुछ पूर्व प्रधानमंत्रियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर देश की संपदा (डीप एसेट्स) को लेकर समझौते किए, हालांकि उन्होंने किसी का नाम लेने से परहेज किया.
पर्रिकर ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान से आ रही नौका से संबंधित तटरक्षक बल के अभियान के बारे में ब्यौरा नहीं दिया था क्योंकि इससे सूचना के स्रोत को लेकर समझौता हो सकता था.
रक्षा मंत्री ने कहा, 'आखिरकार आप को डीप एसेट्स तैयार करने होते हैं. ये संपदा 20-30 साल में तैयार हुई. दुखद है कि ऐसे कुछ प्रधानमंत्री थे जिन्होंने संपदा को लेकर समझौते किए. उन्होंने कहा, 'मैं नामों का खुलासा नहीं करने जा रहा हूं.'
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने रक्षा मंत्री से उन 'कुछ प्रधानमंत्रियों' के नाम का खुलासा करने की मांग की है. उन्होंने ट्वीट किया-
Def Min says "some Ex PM's compromised "deep assets" on National Security. This is a very grave charge. He should name Ex PM's or apologize
— Manish Tewari (@ManishTewari)
संदिग्ध आतंकवादियों वाली पाकिस्तानी नौका के खिलाफ तटरक्षक बल के हालिया अभियान को लेकर सबूत की मांग करने को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए पर्रिकर ने कहा, 'इसको लेकर सबूत की मांग की गई कि यह पाकिस्तानी आतंकी नौका थी. आने वाले दिनों में इस तरह के अभियान में हम एक कैमरामैन और कांग्रेस के प्रवक्ता को भी साथ लेकर चलेंगे.'- इनपुट भाषा