तमिलनाडु में सियासी संकट गहराता जा रहा है. एआईएडीएमके की नवनियुक्त महासचिव शशिकला इस बात से नाराज हैं कि उनके पक्ष में विधायकों का बहुमत होने के बावजूद राज्यपाल विद्यासागर राव उन्हें शपथ ग्रहण कराने में आनाकानी कर रहे हैं. शशिकला ने विधायकों के साथ मीटिंग भी की. उनके राज्यपाल से बिना वक्त मिले राजभवन पहुंचने की आशंका को देखते हुए वहां सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. दूसरी ओर ये भी खबर है कि शशिकला गुट जरूरत पड़ने पर सीएम कैंडिडेट बदलने पर भी विचार कर रहा है.
उधर केंद्रीय मंत्री पी राधाकृष्णन ने राज्यपाल का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें शपथ ग्रहण के लिए दबाव में नहीं लाया जा सकता. उन्होंने कहा कि राज्यपाल का फैसला ही तमिलनाडु का भविष्य तय करेगा इसलिए वे फैसला लेने में वक्त ले रहे हैं. मुझे नहीं लगता कि वो डीए केस का फैसला आने का इंतजार करेंगे. इससे पहले कार्यवाहक मुख्यमंत्री के पक्ष में प्रदेश के नेताओं के बढ़ते समर्थन के बीच वी के शशिकला ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा. उन्होंने कहा कि उनका गुट कुछ समय संयम रखेगा और उसके बाद जो आवश्यक होगा किया जाएगा.
'AIADMK को कोई नहीं हिला सकता': Sasikala surrounded by supporters at Golden Bay resort in Kuvathur where MLAs are present,slogans raised in her support
— ANI (@ANI_news)
उन्होंने कहा कि पार्टी के पास 1.5 करोड़ मतदाता हैं, और जो इसे विभाजित करने का प्रयास करेगा पार्टी उसे नहीं छोड़ेगी. शशिकला ने यह भी कहा कि उनके लिए डरने की कोई बात नहीं है. शशिकला की यह टिप्पणी राज्यपाल से समर्थक विधायकों के साथ मुलाकात का समय मांगने के बाद आई है. राव को लिखे एक पत्र में शशिकला ने कहा है कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं, जिसे राज्यपाल मंजूर भी कर चुके हैं.
शशिकला ने पत्र में राव से कहा कि स्थिति की गंभीरता के मद्देनजर, मैं अपने उन सभी विधायकों के साथ आपसे मिलने का समय मांगती हूं, जिन्होंने प्रदेश में नई सरकार के गठन के लिए मुझे अपना समर्थन दिया है. पत्र के मुताबिक मुझे विश्वास है कि संविधान की संप्रभुता, लोकतंत्र तथा प्रदेश के हितों को बचाने के लिए आप तत्काल कार्रवाई करेंगे.
शशिकला ने राज्यपाल को धमकाया है, एक्शन होः मैत्रेयन
एआईएडीएमके के राज्यसभा सांसद वी. मैत्रेयन ने कहा है कि पार्टी की महासचिव वी के शशिकला ने राज्यपाल को 'धमकी' दी है, जिसके लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने की कि राज्यपाल के खिलाफ 'धमकी भरे बयान' के लिए पार्टी महासचिव शशिकला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
पार्टी में पन्नीरसेल्वम गुट का समर्थन करने वाले मैत्रेयन ने कहा कि उन्होंने तमिलनाडु के राज्यपाल को धमकी दी है, जो एक संवैधानिक अधिकारी हैं। हम भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री से अपील करते हैं कि राज्यपाल को धमकाने को लेकर शशिकला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि शशिकला राज्य में कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास कर रही हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. मैत्रेयन ने कहा कि कुछ और राज्य मंत्रियों के पन्नीरसेल्वम का साथ देने की संभावना है.
उल्लेखनीय है कि जयललिता के निधन के बाद पन्नीरसेल्वम को मुख्यमंत्री बनाया गया था, लेकिन पिछले दिनों उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने आरोप लगाया है कि शशिकला के मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए उन्हें देने के मजबूर किया गया. पिछले दिनों उन्होंने पार्टी की महासचिव शशिकला के खिलाफ बगावत कर दी.
इसके बाद पार्टी के कई लोगों ने पन्नीरसेल्वम का समर्थन किया. सत्ताधारी एआईएडीएमके दो गुटों में बंट चुकी है, जिसमें एक का नेतृत्व शशिकला तो दूसरे का नेतृत्व पन्नीरसेल्वम कर रहे हैं. शशिकला ने राज्यपाल को खुद के विधायक दल की नेता चुने जाने तथा सरकार बनाने का दावा करने से संबंधित दस्तावेज भी सौंपा है.