scorecardresearch
 

राफेल पर फ्रांस ने दी थोड़ी रियायत, भारत को चाहिए ज्यादा

फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू विमानों के डील पर दोनों देशों के बीच बातचीत थोड़ी और आगे बढ़ी है. फ्रांस ने भारत के लिए राफेल की कीमत थोड़ी घटा दी है. हालांकि, भारत कीमत में और कटौती की मांग कर रहा है, जिसकी वजह से इस डील को होने में कम-से-कम छह हफ्ते का समय और लग सकता है.

Advertisement
X
राफेल पर डील कीमतों को लेकर अटकी
राफेल पर डील कीमतों को लेकर अटकी

फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू विमानों के डील पर दोनों देशों के बीच बातचीत थोड़ी और आगे बढ़ी है. फ्रांस ने भारत के लिए राफेल की कीमत थोड़ी घटा दी है. हालांकि, भारत कीमत में और कटौती की मांग कर रहा है, जिसकी वजह से इस डील को होने में कम-से-कम छह हफ्ते का समय और लग सकता है.

36 राफेल विमानों के लिए होना है डील
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, रखते हुए यूपीए सरकार के समय के टेंडर के अनुसार 36 राफेल विमानों के लिए भारत को मौजूदा समय में 66 हजार करोड़ रुपये (करीब 9 अरब यूरो) चुकाने पड़ेंगे. हालांकि, भारत की ओर से युद्धक विमान में जिन बदलावों की मांग की गई है उनकी लागत भी इसी में शामिल है.

8 अरब यूरो तक लाने का भारत का प्रयास
सरकारी सूत्रों ने बताया, भारत सरकार प्रयास कर रही है कि इसकी कीमत 8 अरब यूरो (करीब 59 हजार करोड़ रुपये) के करीब लाया जाए. सूत्र ने यह भी बताया कि दाम को लेकर बातचीत 21 जनवरी से ही शुरू हुई है. उन्होंने कहा कि यूपीए के टेंडर की मूल कीमत से वे नीचे आए हैं, लेकिन हम थोड़ा ज्यादा की उम्मीद कर रहे हैं. जब उनसे पूछा गया कि फ्रांस अब किस कीमत पर विमान देने की पेशकश कर रहा है, तो उन्होंने बताया कि मामूली कटौती की पेशकश आई है.

Advertisement

कई मुद्दों पर बातचीत जारी
ने विमानों की आपूर्ति के लिए दोनों सरकारों के बीच (अंतर-सरकारी) समझौते पर सहमति जताई है, जो दसॉ एविएशन के ठेके की शर्त से बेहतर बताई जा रही है. इसके अलावा भारत डील के लिए कितना एडवांस पेमेंट करेगा, इस मुद्दे पर भी बातचीत चल रही है.

50 प्रतिशत ऑफसेट लागू होगा
समझौते पर 50 प्रतिशत ऑफसेट लागू होगा यानी परियोजना की किसी भी माध्यम से भारत में आएगा या उसे यहां निवेश किया जाएगा. फ्रांसीसी अधिकारियों ने पहले इस पर सहमति नहीं जताई थी, लेकिन पिछले साल अगस्त में मोदी की ओलांद से फोन पर बातचीत के बाद इस अवरोध को भी समाप्त कर लिया गया.


गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच 25 जनवरी को ही इस समझौते पर हस्ताक्षर हो चुका है. उस समय प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि कीमत को लेकर बातचीत अभी जारी है. रफाल बनाने वाली कंपनी दसॉ एविएशन ने समझौते पर जारी बयान में कहा, 'हम इस मामले में हुई प्रगति से खुश हैं और अगले चार सप्ताह में डील पर मुहर लगाने के लिए फ्रांसीसी अधिकारियों की ओर से किए जा रहे प्रयास का सक्रिय समर्थन कर रहे हैं.'

Advertisement
Advertisement