राफेल डील के मामले में लगे आरोपों के बाद रिलायंस डिफेंस द्वारा भेजे गए नोटिस के जवाब में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा है कि अनिल अंबानी टैक्सपेयर की आवाज को दबा नहीं सकते. उन्होंने कहा कि इस तरह का नोटिस भेजने से साफ जाहिर होता है कि इस सौदे में कुछ तो गड़बड़ है.
शेरगिल ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में कहा, 'मुझे और पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं को भेजे जा रहे नोटिस यह बताने के लिए काफी हैं कि राफेल सौदे में कोई बड़ी समस्या है.'
My reply on the “cease & desist” legal notice received from Sh Anil Ambani over
— Jaiveer Shergill (@JaiveerShergill)
जयवीर शेरगिल ने कहा, 'बीजेपी और उनके समर्थकों को यह समझना होगा कि लोकतंत्र में ऐसे नोटिस भेजकर गंभीर सवालों पर मुंह बंद नहीं किया जा सकता. आप देश में किसी भी पार्टी या टैक्सपेयर की आवाज को दबा नहीं सकते.
शेरगिल ने फिर यह सवाल उठाया कि आखिर एनडीए सरकार ने एक सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से कॉन्ट्रैक्ट छीनकर अपने 'दोस्तों' को क्यों सौंप दिया. उन्होंने कहा कि टैक्सपेयर्स को यह जानने का अधिकार है कि एनडीए सरकार राफेल की खरीद पर 42,000 करोड़ रुपये ज्यादा क्यों खर्च कर रही है.
शेरगिल ने कहा, 'यह लोकतंत्र है और हम तो सवाल पूछेंगे. सरकार को इसका जवाब देना होगा.' उन्होंने कहा कि बीजेपी और उनके समर्थक शर्मिंदा होने के लिए तैयार रहें, क्योंकि जल्दी ही इस घोटाले का उजागर करने के लिए कांग्रेस देश भर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी.
गौरतलब है कि अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (ADAG) की कंपनी रिलायंस डिफेंस ने बुधवार को शेरगिल को कानूनी नोटिस भेजा है. इसके पहले पहले इसके मुखिया अनिल अंबानी ने राहुल गांधी को दो लेटर लिखकर उनके आरोपों का जवाब दिया था. नोटिस में कहा गया है कि शेरगिल और कांग्रेस रिलायंस डिफेंस के बारे में 'गलत जानकारियों' को फैलाना बंद करें. अनिल अंबानी ने कहा था कि अभिषेक मनु सिंघवी, रणदीप सुरजेवाला, अशोक चव्हाण, संजय निरुपम और कई अन्य कांग्रेसी नेता उनके तथा उनकी कंपनी रिलायंस डिफेंस के बारे में भ्रामक बयान दे रहे हैं.