प्रधानमंत्री मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे तीन देशों के 10 दिवसीय यात्रा पर रवाना हो गए हैं. इस दौरान म्यांमार उनका पहला पड़ाव होगा. पीएम वहां आसियान इंडिया सम्मेलन और पूर्वी एशियाई सम्मेलन में शिरकत करेंगे. इसके बाद वह वहीं से जी-20 सम्मेलन के लिए ऑस्ट्रेलिया जाएंगे. म्यांमार में मोदी आंग सान सू की से भी मुलाकात करेंगे. प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर लिखा कि इस दौरान वह 40 नेताओं से मुलाकात करेंगे. मोदी ने देश की जनता से यात्रा को लेकर सुझाव भी मांगे हैं.
Do keep sharing thoughts & ideas for the visit. Here is a great place to keep updated on the visit.
— Narendra Modi (@narendramodi)
Summits, important bilaterals, meeting over 40 world leaders. Leaving for Myanmar, Australia & Fiji.
— Narendra Modi (@narendramodi)
ये सम्मेलन म्यांमार की राजधानी नेपीता में 12 और 13 नवंबर को होंगे. म्यांमार और ऑस्ट्रेलिया के साथ ही प्रधानमंत्री फिजी दौरे पर भी जाएंगे. मोदी ने विदेश दौरे से पहले मंत्रिमंडल बैठक की. विस्तार के बाद हुई इस पहली कैबिनेट बैठक में पीएम ने मंत्रियों को कई सुझाव दिए. मंत्रियों से प्रधानमंत्री की यह बैठक 20 मिनट तक चली. इस दौरान मोदी ने कहा कि सभी मंत्री संसद सत्र में सवाल जवाब के लिए तैयार रहें. उन्होंने मंत्रियों से आपस में मिलकर काम करने की सलाह दी.
विदेश यात्रा के दौरान पीएम मोदी चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग से मुलाकात करेंगे. शीर्ष नेताओं के बीच आपसी मसलों पर अहम बैठकें होंगी. इसमें आपसी विवाद के मसले प्राथमिकता में होंगे.
ब्रिसबेन में जी 20 बैठक
म्यांमार में पहले पड़ाव के बाद प्रधानमंत्री ब्रिसबेन में 16 से 18 नवंबर के बीच जी-20 शिखर बैठक में भाग लेंगे. इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबॉट के साथ परमाणु सहयोग समझौते को व्यवहार में लाने के मसले के अलावा तमाम मुद्दों पर द्विपक्षीय बातचीत के आसार हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि मोदी चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग से अलग से मुलाकात करेंगे.
गौरतलब है कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग की सितंबर में भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच सीमा मसले और दक्षिण चीन सागर में पेट्रोलियम दोहन को लेकर नोकझोंक हो चुकी है. भारत ने हाल ही वियतनाम के समुद्री इलाके में तेल दोहन के लिए समझौता किया, जिसपर चीन ने एतराज जताया. जबकि श्रीलंका के नौसैनिक अड्डे पर चीन द्वारा अपनी पनडुब्बी भेजे जाने पर भारत ने श्रीलंका से ऐतराज जताया था.
ऑस्ट्रेलिया दौरे में प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए वहां रहने वाले भारतीय समुदाय ने अमेरिकी यात्रा की तरह ही इंतजाम किया है. प्रधानमंत्री के स्वागत में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खुद प्रधानमंत्री एबॉट एक सभा में हिस्सा लेंगे. इस सभा में 15 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. इसके अलावा मोदी सिडनी में भी ओलिंपिक पार्क में भारतीय समुदाय के एक समारोह को संबोधित करेंगे.
फिजी दौरा भी होगा
प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के तीसरे पड़ाव में फिजी जाने वाले हैं. इससे पहले 1981 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने फिजी का दौरा किया था. मोदी 19 नवंबर को फिजी पहुंचेंगे. फिजी में डेढ़ शताब्दी पहले भारत से 60 हजार मजदूर गन्ना खेतों में काम करने के लिए भेजे गए थे. वहां हाल ही नया जनतांत्रिक चुनाव हुआ है. फिजी की करीब आधी आबादी भारतीय मूल की है.