अंतरिक्ष की दुनिया में भारत ने अपना 100वां उपग्रह लॉन्च कर इतिहास रच दिया है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान (इसरो) ने शुक्रवार को पीएसएलवी के जरिए एक साथ 31 उपग्रह को लॉन्च किए. भेजे गए कुल 31 उपग्रहों में से 3 भारतीय हैं और 28 उपग्रह कनाडा, फिनलैंड, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अमेरिका के हैं.
भारत की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी. पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा कि किसानों और मछुआरों समेत देश की जनता को इस कामयाबी का फायदा मिलेगा. पीएम ने कहा कि हमारे सहयोगियों को भी इस सफलता से लाभ होगा.
My heartiest congratulations to and its scientists on the successful launch of PSLV today. This success in the New Year will bring benefits of the country's rapid strides in space technology to our citizens, farmers, fishermen etc.
— Narendra Modi (@narendramodi)
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसरो को इस सफतला पर बधाई देते हुए ट्वीट किया कि यह हर है. इसरो के असाधारण वैज्ञानिकों को बधाई उन्होंने कीर्तिमान स्थापित किया है.
Launch of India's 100th satellite Cartosat-2, along with two co-passenger satellites as well as 28 satellites of six friendly countries, is a moment of pride for every Indian. Congratulations to team of exceptional scientists. A milestone for our country
— President of India (@rashtrapatibhvn)
इसरो के चीफ एएस किरण कुमार ने इस कार्यक्रम के बारे में कहा कि पिछले प्रक्षेपण के दौरान हमें मुश्किलों का सामना करना पड़ा था लेकिन इस बार का सफल प्रक्षेपण ये दर्शाता है कि हमने जटिलताओं को दूर कर लिया है. उन्होंने कहा कि हम देश को देकर काफी खुश हैं.
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसरो की टीम को बधाई देते हुए ट्वीट किया कि यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है जिससे हमारा देश गर्व महसूस कर रहा है.
Congratulations to team of scientists & engineers on successful launch of PSLV-C40 carrying Cartosat-2 series satellite and 30 other satellites. With this has launched 100th satellite & achieved a great feat and made the country proud.
— Arun Jaitley (@arunjaitley)
इसलिए भी है खास
पृथ्वी अवलोकन के लिए 710 किलोग्राम का कार्टोसेट-2 सीरीज मिशन का प्राथमिक उपग्रह है. इसके साथ सह यात्री उपग्रह भी है जिसमें 100 किलोग्राम का माइक्रो और 10 किलोग्राम का नैनो उपग्रह भी शामिल हैं. कुल 28 अंतरराष्ट्रीय सह-यात्री उपग्रहों में से 19 अमेरिका, पांच दक्षिण कोरिया और एक-एक कनाडा, फ्रांस, ब्रिटेन और फिनलैंड के हैं.