प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में मिदनापुर के जिला अस्पताल में उन समर्थकों से मिलने पहुंचे, जो पीएम की किसान रैली में पंडाल गिरने से घायल हो गए.
घायलों को प्राथमिक चिकित्सा मुहैया कराई जा रही है. कई घायलों की हड्डी टूटने की भी आशंका है. हालांकि यह मेडिकल जांच के बाद ही साफ हो पाएगा.
We pray for the speedy recovery of all those injured at the Midnapore rally today. The government is giving all help for medical treatment
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial)
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना की है. ममता ने ट्वीट किया, 'हम मिदनापुर की रैली में सभी घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं. राज्य सरकार उन्हें हर तरह की चिकित्सा सेवा मुहैया कराएगी.'
Several injured after a portion of tent in PM Narendra Modi’s rally in Midnapore collapsed during his speech today. PM later met the injured in hospital.
— ANI (@ANI)
पश्चिम मिदनापुर के कॉलेज ग्राउंड में आयोजित किसान रैली के दौरान पंडाल का एक हिस्सा गिर गया, जिसमें कम से कम 24 लोग घायल हो गए. घायलों को बाद में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. यह हादसा मोदी के भाषण के दौरान हुआ. हालांकि भाषण के दौरान पीएम ने कई लोगों को पंडाल पर चढ़ने के लिए डांटा और नीचे उतरने को कहा.
A portion of tent in PM Narendra Modi’s rally in Midnapore collapsed during his speech today. PM instructed the SPG personnel to look after the people and attend to the injured. PM later met those injured, in hospital.
— ANI (@ANI)
जिला अस्पताल में घायलों से मिलने पहुंचे मोदी ने कहा कि फिक्र मत कीजिए आप ठीक हो जाएंगे. बता दें कि पंडाल गिरते ही रैली में अफरा तफरी का माहौल पैदा हो गया. घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और इलाज शुरू किया गया. लेकिन सवाल है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में इस तरह की ढुलमुल तैयारी क्यों की गई. सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध क्यों नहीं किए गए?
रैली में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि रैली स्थल पर चिकित्सा के पुख्ता बंदोबस्त नहीं थे. प्रधानमंत्री के काफिले में तैनात एम्बुलेंस से ही घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया.
गौरतलब है कि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने किसान रैली में तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ ही वामपंथी दलों पर भी निशाना. मिदनापुर में एक किसान रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि वामपंथी शासन ने पश्चिम बंगाल को जिस हाल में पहुंचाया, आज बंगाल की हालात उससे भी बदतर होती जा रही है.