scorecardresearch
 

हार्दिक पटेल के दिल्ली आने के 5 मायने

हार्दिक पटेल रविवार को दिल्ली आए. जाट-गुर्जर नेताओं से बात की. आखिर उनके दिल्ली आने के पीछे क्या मकसद है. क्या हार्दिक सिर्फ आरक्षण के लिए ही दिल्ली आए हैं? अहमदाबाद रैली के बाद तो उन्होंने कहा था कि आंदोलन को जिला और ब्लॉक लेवल पर ले जाएंगे. गांव-गांव में फैलाएंगे. फिर अचानक दिल्ली क्यों, 5 वजहें-

Advertisement
X
पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल
पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल

हार्दिक पटेल रविवार को दिल्ली आए. जाट-गुर्जर नेताओं से बात की. आखिर उनके दिल्ली आने के पीछे क्या मकसद है. क्या हार्दिक सिर्फ आरक्षण के लिए ही दिल्ली आए हैं? अहमदाबाद रैली के बाद तो उन्होंने कहा था कि आंदोलन को जिला और ब्लॉक लेवल पर ले जाएंगे. गांव-गांव में फैलाएंगे. फिर अचानक दिल्ली क्यों, 5 वजहें-

1. दुष्यंत कुमार ने लिखा है, नेपथ्य में संभावनाएं हैं. लेकिन हार्दिक नेपथ्य में नहीं रहना चाहते. उनकी आंखों में राष्ट्रीय सपने हैं. इसीलिए अहमदाबाद रैली में हिंदी में भाषण दिया. नीतीश और चंद्रबाबू को अपना बताया. अब दिल्ली से दोबारा राष्ट्रीय मीडिया के जरिए राष्ट्रीय मंच की संभावना तलाश रहे हैं.

2. हार्दिक कहते हैं कि उन्हें राजनीति नहीं करनी. लेकिन उनकी नजर पर है, जो फिलहाल राज्य से गायब है. हार्दिक वैसा ही औरा रचना चाहते हैं. अहमदाबाद रैली इसी का लॉन्चिंग पैड थी और दिल्ली की प्रेस कॉन्फ्रेंस इस मंजिल की अगली सीढ़ी.

3. जाट और गुर्जर राजस्थान में लंबे समय से आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन करते आ रहे हैं. इनका साथ लेकर हार्दिक अपने आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर तेज करना चाहते हैं. जाट और गुर्जरों का साथ लेकर चाहते हैं.

Advertisement

4. अहमदाबाद रैली के बाद हार्दिक को सोशल मीडिया पर छोटा केजरीवाल कहा गया. संभव है केजरीवाल की तरह आंदोलन के रास्ते राजनीतिक फलक पर उभरने का हो. इसीलिए वह युवाओं की बात करते हैं.

5. जाट और गुर्जरों का साथ लेकर हार्दिक राज्य और केंद्र सरकार को संकेत देना चाहते हैं कि यदि उन्हें हिंसा का रास्ता अपनाना पड़ा तो वो इसके लिए भी तैयार हैं. गुर्जर और जाट अब आरक्षण आंदोलन के प्रोफेशनल हो चुके हैं. यह हार्दिक की पूर्व तैयारी हो सकती है.

Advertisement
Advertisement