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बाला साहेब ठाकरे हैं हार्दिक पटेल के आदर्श

गुजरात में आरक्षण की मांग करने वाले हार्दिक पटेल सरदार वल्लभ भाई पटेल और पूर्व शिवसेना सुप्रीमो स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे को अपना आदर्श मानते हैं. किसी राजनीतिक पार्टी बनाने के सवाल पर हार्दिक का कहना था कि अगर रिमोट मेरे हाथ में हो, तो फिर कोई पार्टी बनाने या किसी पार्टी में शामिल होने की क्या जरूरत है.

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हार्दिक पटेल हार्दिक पटेल

गुजरात में आरक्षण की मांग करने वाले हार्दिक पटेल सरदार वल्लभ भाई पटेल और पूर्व शिवसेना सुप्रीमो स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे को अपना आदर्श मानते हैं. किसी राजनीतिक पार्टी बनाने के सवाल पर हार्दिक का कहना था कि अगर रिमोट मेरे हाथ में हो, तो फिर कोई पार्टी बनाने या किसी पार्टी में शामिल होने की क्या जरूरत है.

पटेल सरदार पटेल ग्रुप के अध्यक्ष
पातीदार अनामत आंदोलन समिति (PAAS) का संयोजक बनने से पहले हार्दिक पटेल सरदार पटेल ग्रुप (SPG) के अध्यक्ष थे. वे 2012 से 2014 तक इस संस्थान के अध्यक्ष रहे. 17 जिलों से 40 हजार युवाओं के इस ग्रुप का मकसद समाज, बहनों, बेटियों और किसानों की रक्षा करना था. पटेल के अनुसार इस ग्रुप ने अहमादाबाद के वीरमगम और मंडल तालुका से लगभग 6 हजार लड़कियों और 1 हजार किसानों की मदद की.

अच्छे लोगों की जरूरत
नवचेतन ट्रस्ट चलाने वाले बाबू बजरंगी के बारे में पूछे जाने पर हार्दिक ने कहा, ' मैं उन्हें नहीं जानता, लेकिन अगर मैं उन्हें जानता तो अच्छा रहता क्योंकि इस समाज की सुरक्षा के लिए हमें अच्छे लोगों की जरूरत है.' नवचेतन ट्रस्ट का उद्देश्य मुस्लिम और क्रिश्चयन लड़कों से हिंदू लड़कियों का बचाना है.

बंदूक के साथ अपनी तस्वीर पर पटेल का कहना है कि उन्हें 2014 के अंत में लाइसेंस मिला है और समाज की रक्षा के लिए उन्हें कहीं भी जाना पड़ता है, जिसके लिए बंदूक साथ रखना जरूरी है.

वीएचपी नेता से मुलाकात
वीएचपी नेता प्रवीण तोगड़िया के साथ अपनी तस्वीर पर हार्दिक पटेल ने कहा, ' मेरा उनके साथ कोई खून का रिश्ता नहीं है. हम सभी समाज की रक्षा करना चाहते हैं. अगर रास्ते में कोई किसी लड़की का हाथ पकड़ता है, तो हमें पता है कि उस हाथ को कैसे काटना है. हिंदू समाज की रक्षा पर प्रवीण तोगड़िया की अपनी सोच है और उनसे मिलना कहीं से भी गलत नहीं है.'

जय जवान, जय किसान
25 अगस्त को गुजरात में हुई हिंसा के लिए पटेल पुलिस , सरकार और असमाजिक तत्वों को दोषी ठहराया. हार्दिक ने कहा, ' पुलिस ने जो किया, वो उकसाने वाला था. पुलिस ने औरतों और बच्चों को पीटा. अगर सब कुछ ऐसे ही चलता रहा, तो हिंसा भी जारी रहेगी. आर्मी यहां है और हम उसका आदर करते है. हम ' जय जवान, जय किसान' पर भरोसा करते हैं.'

हार्दिक ने आगे की कोई रणनीति नहीं बनाई है. ओबीसी कोटा की मांग को लेकर पातीदार रैली 6 जुलाई को मेहसाणा में शुरू हुई थी. हार्दिक को अपनी क्षमता का एहसास 24 जुलाई को हुआ. जब रैली में 22 लाख लोग शामिल हुए.

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