'आज तक' के स्टिंग 'ऑपरेशन राज्यसभा' के मद्देनजर चुनाव आयोग ने विधायक मल्लिकार्जुन खुबा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही आयोग इस मामले में सीबीआई जांच की भी मांग करेगा. हालांकि, इसके साथ ही आयोग ने राज्यसभा के चुनाव को रद्द करने से इनकार कर दिया है.
कर्नाटक में राज्यसभा की दहलीज तक पहुंचने के लिए धनबल के इस्तेमाल पर के बाद से ही सियासी गलियारों में गहमागहमी बढ़ गई थी. मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी और चुनाव आयुक्त एके जोति ने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए गुरुवार शाम को आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की.
आयोग ने जांच आगे बढ़ाने के मद्देनजर स्टिंग आपरेशन का रॉ वीडियो भी मांगा है. बता दें कि स्टिंग में कर्नाटक से राज्यसभा चुनाव के दौरान कुछ उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की खातिर पैसे की पेशकश करते पकड़े गए हैं. दो जून के स्टिंग में दिखाया गया कि राज्य से राज्यसभा की चार सीटों के लिए विधायक पैसों के लेनदेन के बारे में बातचीत कर रहे हैं.
गौरतलब है कि इन चार सीटों के लिए कुल पांच उम्मीदवार मैदान में हैं और मतदान 11 जून को होना है.
जेडीएस के विधायक कैमरे में कैद
राज्यसभा सदस्यों के चुनाव से पहले एचडी देवेगौड़ा की पार्टी जेडीएस के विधायक मल्लिकार्जुन खुबा, राम, बी आर पाटील और वर्थुर प्रकाश क्रॉस वोटिंग के लिए बिकने को तैयार हैं. यानी इनको मालामाल कीजिए और राज्यसभा सदस्य बन जाइए. 'आज तक' के स्टिंग ऑपरेशन में अगर कर्नाटक के विधायक बिकने को तैयार हैं तो बाकी राज्यों में ऐसा नहीं होगा, ऐसा दावा कोई कर नहीं सकता. कांग्रेस ने ऑस्कर फर्नांडीस, जयराम रमेश और पूर्व आईपीएएस के सी रमामूर्ति को मैदान में उतारा है. बीजेपी ने निर्मला सीतारमण को कर्नाटक से राज्यसभा में भेजना तय किया है. इसके अलावा रियल एस्टेट कारोबारी बी एम फारुक जेडीएस के प्रत्याशी हैं.