कुंभनगरी प्रयागराज में द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती की अगुवाई में चली तीन दिवसीय परम धर्म संसद ने बुधवार को धर्मादेश जारी कर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए तारीख का ऐलान कर दिया. यह धर्मादेश प्रयागराज में ही विश्व हिंदू परिषद की अगुवाई में होने वाली धर्म संसद के एक दिन पहले आया है. वीएचपी की धर्म संसद से पहले जारी इस धर्मादेश से साधु-संतों के बीच राम मंदिर निर्माण को लेकर धर्मायुद्ध छिड़ने की संभावना है.
कुंभक्षेत्र के सेक्टर 9 में तीन दिनों तक चली परम धर्म संसद के आखिरी दिन राम मंदिर को लेकर विस्तृत चर्चा के बाद धर्मादेश जारी हुआ. शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती द्वारा जारी धर्मादेश में कहा गया है कि बसंत पंचमी के स्नान के बाद संत समाज अयोध्या के लिए कूच करेगा. और 21 फरवरी को राम मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी. स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के बलिदान देने का वक्त आ गया है. कोर्ट के फैसले में अभी और देर होनी है, लिहाजा संत समाज शांतिप्रिय ढंग से रामाभिमानी सविनय अवज्ञा आंदोलन के तहत अयोध्या कूच करेगा. अगर उन्हें रोका गया तो वे गोली खाने से भी पीछे नहीं हटेंगे.
Jind Ramgarh Election Result हरियाणा की जींद लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव और राजस्थान की रामगढ़ विधानसभा सीट पर आज नतीजे घोषित किए जा रहे हैं. दोनों सीट पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधा मुकाबला है.
India vs New Zealand Live Score, 4th One Day International: न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया है और भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया है. भारत पांच मैचों की वनडे सीरीज में 3-0 से सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुका है. अब उसकी कोशिश अपने विजयी क्रम को बरकरार रखने की है.
अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामले में मोदी सरकार को एक और बड़ी कामयाबी मिली है. क्रिश्चियन मिशेल के बाद मामले में आरोपी राजीव सक्सेना और दीपक तलवार को भारत वापस लाया गया है. फिलहाल दोनों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर में रखा गया है. इस घोटाले में आरोपी कारोबारी राजीव सक्सेना को संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में पकड़ा गया था.
हरियाणा की जींद और राजस्थान की रामगढ़ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे आज घोषित किए जा रहे हैं. दोनों सीटों पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में कांटे का मुकाबला है. जींद में उपचुनाव हुए हैं जबकि राजस्थान के रामगढ़ में उम्मीदवार के निधन के कारण तब बाकी सीटों के साथ चुनाव नहीं हो सके थे. इसे लेकर पार्टियों ने जैसी तेजी दिखाई है और चुनाव प्रचार में जैसा शक्ति प्रदर्शन किया गया है, उससे साफ है कि पार्टियां और उसके नेता नतीजों को हल्के में नहीं लेंगे.