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शिवसेना, NCP और RJD नेताओं से मिलने के बाद बोलीं ममता- 2019 का चुनाव होगा बेहद दिलचस्प

लोकसभा चुनाव में बीजेपी का मुकाबला करने के लिए गैर कांग्रेसी राजनीतिक दलों को मिलाकर थर्ड फ्रंट बनाने में जुटी ममता बनर्जी की मेहनत रंग लाने लगी है. मंगलवार को ममता बनर्जी के बुलावे पर गैर कांग्रेस विपक्षी दलों के साथ ही राजग सरकार के सहयोगी दलों के नेता भी मुलाकात करने पहुंचे.

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पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी

लोकसभा चुनाव में बीजेपी का मुकाबला करने के लिए गैर कांग्रेसी राजनीतिक दलों को मिलाकर थर्ड फ्रंट बनाने में जुटी ममता बनर्जी की मेहनत रंग लाने लगी है. मंगलवार को ममता बनर्जी के बुलावे पर गैर कांग्रेस विपक्षी दलों के साथ ही राजग सरकार के सहयोगी दलों के नेता भी मुलाकात करने पहुंचे.

मंगलवार को संसद भवन में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और ने NCP चीफ शरद पवार, शिवसेना के नेता संजय राउत, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, बीजेडी सांसद पिनाकी मिश्रा, डीएमके नेता कनिमोझी, TDP के नेता वाईएस चौधरी और राम मोहन नायडू के अलावा राष्ट्रीय जनता दल की नेता मिसा भारती और जेपी यादव से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने तीसरा मोर्चा बनाने को लेकर चर्चा की.

गैर बीजेपी और गैर कांग्रेसी राजनीतिक दलों से मुलाकात करने के बाद एक सवाल के जवाब में ममता बनर्जी ने कहा कि जब राजनीति से जुड़े लोग मुलाकात करते हैं, तो निश्चित रूप से राजनीति पर चर्चा होगी. यहां कुछ भी छिपा नहीं हैं. साल 2019 का लोकसभा चुनाव बेहद दिलचस्प होगा.

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टीडीपी सांसद, एनडीए से अलग हुए स्वाभिमान शेतकारी संगठन के राजू शेट्टी और राज्यसभा में बीजेडी सांसद अनुभव मोहंती भी अपनी पत्नी के साथ ममता बनर्जी से मुलाकात की. इस मसले पर फारूक अब्दुल्ला ने ममता बनर्जी की तारीफ की है. साथ ही उनसे मुलाकात करने की बात कही है.

मंगलवार को कनिमोझी से मुलाकात के दौरान ने कहा, ''डीएमके सत्ता में आ रही है और इसके लिए मेरा पूरा समर्थन है.'' एनसीपी चीफ पवार के साथ ममता बनर्जी की मुलाकात करीब एक घंटे तक चली. मालूम हो कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी थर्ड फ्रंट की संभावनाओं को लेकर चार दिवसीय दिल्ली दौरे पर हैं.

इससे पहले तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कोलकाता जाकर ममता बनर्जी से थर्ड फ्रंट बनाने की संभावना को लेकर चर्चा की थी, जिसके बाद दोनों नेताओं ने गैर-बीजेपी और गैर-कांग्रेसी फ्रंट की बात पर जोर दिया था. अब देखना यह है कि आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी का मुकाबला करने के लिए एकजुट पार्टियां कहां तक अपने उद्देश्य में सफल होती हैं.

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