जेएनयू छात्र संध के अध्य़क्ष कन्हैया कुमार ने बुधवार को हैदराबाद यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर छात्रों को संबोधित किया और केंद्र की सरकार पर जमकर हमला बोला. कन्हैया कैंपस में वेमुला पर सभा को संबोधित करने वाले थे लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसकी इजाजत नहीं दी. कन्हैया जब कैंपस पहुंचे को पुलिस ने एंट्री करने से रोक दिया. इसके बाद कन्हैया ने कैंपस के बाहर ही छात्रों को संबोधित किया.
Want to tell HCU admin & police who've prohibited us from entering Univ that you can't suppress our voice:
— ANI (@ANI_news)
कन्हैया कुमार ने कहा कि हम रोहित वेमुला के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं. दुर्भाग्य है कि सरकार छात्रों की बातें नहीं सुन रही है. कन्हैया ने कहा कि हम विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस से कहना चाहते हैं कि वे कैंपस में हमारी एंट्री रोककर छात्रों की आवाज को नहीं दबा सकते. हैदराबाद विश्विद्यालय में प्रवेश से रोकने पर कन्हैया ने कहा कि रोहित को न्याय दो...रोहित एक्ट लागू करो.
ABVP ने किया विरोध
रोहित वेमुला सुसाइड मामले में हैदराबाद यूनिवर्सिटी में जारी विरोध-प्रदर्शन और तनाव के बीच जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार कैंपस में सभा करने पर अड़े हुए थे. कन्हैया यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंचे तो एबीवीपी के सदस्यों ने कन्हैया का विरोध किया. विरोध-प्रदर्शन के दौरान कई छात्र नेताओं को हिरासत में भी ले लिया गया. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कन्हैया को सभा करने की इजाजत नहीं दी थी. इसके मद्देनजर कैंपस के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे.
Hyderabad: JNUSU President Kanhaiya Kumar outside Hyderabad University
— ANI (@ANI_news)
इससे पहले, कन्हैया ने रोहित वेमुला की मां से भी मुलाकात की और वेमुला की लड़ाई जारी रखने की बात दोहराई.
meets 's mother Radhika in Hyderabad.
— ANI (@ANI_news)
: ki mata ji aaj ke samay mein Bhagat Singh ki maa jaisi hain, says
— ANI (@ANI_news)
यूनिवर्सिटी में प्रदर्शनकारी छात्र केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और बीजेपी सांसद बंडारू दत्तात्रेय के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
कन्हैया के आने के पहले ही यूनिवर्सिटी की सभी क्लासेज सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गईं. इसके पहले मंगलवार को छात्रों ने कुलपति अप्पा राव को वेमुला की आत्महत्या के लिए दोषी ठहराते हुए उनके दफ्तर में तोड़फोड़ की और करीब छह घंटों तक बंधक बनाए रखा. राव दो महीने की छुट्टी के बाद वापस लौटे थे.