भारत को अगले महीने कनाडाई यूरेनियम की पहली खेप मिल जाएगी, जिससे देश के परमाणु विद्युत रिएक्टरों के लिए ईंधन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि 250 टन कनाडाई यूरेनियम का पहला खेप रास्ते में है और वह दिसंबर के पहले सप्ताह में हिंदुस्तान पहुंचेगा.
अधिकारी ने बताया कि आयातित ईंधन होने के कारण उसका इस्तेमाल सुरक्षा मानकों वाले रिएक्टरों में होगा. कनाडा की सबसे बड़ी यूरेनियम उत्पादक कंपनी कैमिएको कॉर्प के साथ 35 करोड़ कनाडाई डॉलर वाले इस समझौते से अगले पांच वर्षों में 3220 मीट्रिक टन यूरेनियम मिलेगा. इसी साल अप्रैल में जब तब यह करार हुआ था.
यह इस मायने से महत्वपूर्ण है कि मोदी ने अपनी यात्रा के दौरान पहलू पर बल दिया था. भारत कनाडा असैन्य परमाणु सहयोग पर 2010 में हस्ताक्षर हुए थे. कनाडा ने भारत द्वारा परमाणु बम बनाने के बाद 1970 के दशक में भारत को यूरेनियम और परमाणु हार्डवेयर निर्यात करने पर रोक लगा दी थी.
-इनपुट भाषा से