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पाकिस्तान में राजनयिकों को परेशान करने पर भारत ने एक और विरोध जताया

भारत ने अपने राजनयिकों को 'धमकाने और परेशान किए जाने' के विरोध में इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग के जरिए पाकिस्तान को एक और 'नोट वर्बेल ( राजनयिक नोट) जारी किया.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

पाकिस्तान में अपने राजनयिकों को प्रताड़ित किए जाने पर भारत ने एक और विरोध जताया है. भारत ने शिकायत की है कि उसके राजनयिकों का आक्रामक तरीके से पीछा किया गया और भारतीय उच्चायोग की वेबसाइट को भी कई बार 'बाधित किया गया.'

भारत ने अपने राजनयिकों को 'धमकाने और परेशान किए जाने' के विरोध में इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग के जरिए पाकिस्तान को एक और 'नोट वर्बेल ( राजनयिक नोट) जारी किया.

तीन महीने से भी कम समय में भारत ने पाकिस्तान को 13 वीं बार ‘नोट वर्बेल’ जारी किया है. सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान विदेश मंत्रालय को भेजे गए नोट में भारतीय उच्चायोग ने अपने राजनयिकों को परेशान करने के तीन मामलों का जिक्र किया है जिसमें एक मामला भारतीय उच्चायोग में तैनात द्वितीय सचिव से जुड़ा है.

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रविवार को एक कार में सवार अज्ञात लोगों ने आक्रामक तरीके से उस वक्त द्वितीय सचिव का पीछा किया, जब वह एक रेस्तरां में जा रहे थे. सूत्रों ने बताया कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर बनाया गया.

रविवार की ही एक दूसरी घटना में एक आधिकारिक वाहन में यात्रा कर रहे उच्चायोग के चार कर्मियों का उस वक्त मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात लोगों ने आक्रामक और धमकाने के अंदाज में पीछा किया जब वे आबपारा बाजार जा रहे थे. एक सूत्र ने बताया, 'हमने पाकिस्तान सरकार से कहा है कि वह इन घटनाओं की जांच कर सुनिश्चित करे कि ऐसी घटनाएं फिर नहीं हों और जांच के नतीजे हमसे साझा करे.'

सूत्रों ने बताया कि भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को धमकाने और परेशान किए जाने पर अपना विरोध दर्ज करने के लिए पाकिस्तान विदेश मंत्रालय को ‘नोट वर्बेल’भेजा गया. यह इस विषय पर इस साल भेजा गया13 वां नोट था.

भारत ने शनिवार को भी अपने उच्चायोग के जरिए एक ‘नोट वर्बेल’ भेजा था, जिसमें राजनयिकों को परेशान किए जाने की दो घटनाओं का जिक्र किया गया था. इसमें एक घटना शनिवार को, जबकि दूसरी बीते 15 मार्च को हुई थी. भारत ने पाकिस्तान को 13 वां नोट ऐसे समय में भेजा है जब सलाह- मशविरे के लिए अपने उच्चायुक्त को स्वदेश बुला लिया है.

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दूसरी तरफ, पाकिस्तान ने भी यह दावा किया है कि उसके उच्चायुक्त और राजनयिकों को भारत में प्रताड़ित किया गया.

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