शहीद उमर फयाज के परिवार के साथ इस वक्त पूरा हिंदुस्तान साथ खड़ा है. इंडिया गेट पर कैंडिल मार्च निकालकर लोगों ने नम आंखों से जांबाज लेफ्टिनेंट को श्रद्धांजलि दी.
वहीं सेना ने शनिवार को कहा कि घाटी में एक स्कूल का नाम बदलकर शहीद लेफ्टिनेंट उमर फयाज के नाम पर रखा गया है और उनके परिवार को 75 लाख रुपये का चेक सौंप दिया गया है. दक्षिणी कश्मीर में आतंकवादियों ने अगवा कर सैन्य अधिकारी फैयाज की हत्या कर दी थी. राजपूताना राइफल्स की तरफ से एक लाख के चेक के अलावा, आर्मी ग्रुप इंश्योरेंस फंड की तरफ से 75 लाख रुपये का चेक शहीद फयाज के परिवार को सौंपा गया है.
Massive crowd turns up to pay tribute to late army officer Lt. Ummer Fayaz at Delhi's India Gate, abducted and killed by terrorists
— ANI (@ANI_news)
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता राजेश कालिया ने कहा कि विक्टर फोर्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) मेजर जनरल बी एस राजू ने कुलगाम जिले में शहीद के शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि सेना उनके साथ खड़ी है और उनकी मदद के लिए हर वक्त तैयार है.
उन्होंने कहा कि जीओसी ने आश्वासन दिया है कि लेफ्टिनेंट उमर की कायराना ढंग से की गई हत्या के लिए जो लोग भी जिम्मेदार होंगे, उन्हें न्याय के कठघरे में लाया जाएगा. जीओसी ने इलाके के आर्मी स्कूल का नाम बदलकर 'लेफ्टिनेंट उमर फयाज गुडविल स्कूल' करने की घोषणा की.
छुट्टियों में कुलगाम स्थित अपने घर आए अधिकारी को आतंकवादियों ने उस वक्त अगवा कर लिया था, जब बीते नौ मई को बाटापुरा गांव में वो अपने मामा की बेटी की शादी में शिरकत कर रहे थे. उनका गोलियों से छलनी शरीर बुधवार सुबह (10 मई) को शोपियां जिले के हारमेन में पाया गया.
राजपूताना राइफल्स के अधिकारी बीते साल दिसंबर में सेना में शामिल हुए थे. पुलिस ने उन तीन स्थानीय आतंकवादियों के पोस्टर जगह-जगह चस्पां किए हैं, जो उन्हें अगवा करने और फिर उनकी हत्या में शामिल हैं.