अनुपम खेर की अगुवाई में 51 लेखकों और कलाकारों ने PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस अभिनेता ने असहिष्णुता के मुद्दे पर देश की छवि खराब करने की कोशिशों के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है.
संस्कृति असहिष्णुता व स्वीकृति की बातों से कहीं आगे
असहिष्णुता पर बढ़ती बहस के बीच पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय संस्कृति असहिष्णुता और स्वीकृति की बातों से कहीं आगे है. अनुपम खेर के नेतृत्व में कलाकारों और लेखकों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर एक वर्ग के लोगों द्वारा किए जा रहे विरोध पर चिंता जताई और उन्हें एक राजनीतिक एजेंडा के तहत एकजुट करार दिया.
The filmmakers & documentary makers must make an attempt to talk to PM and not wait for Govt to contact: Anupam Kher
— ANI (@ANI_news)
PM shared; he had seen Munawwar Rana on TV saying," if PM calls me, I will go &meet him":Anupam Kher aftr meeting PM
— ANI (@ANI_news)
PM to Anupam Kher: My office got in touch with Munawwar Rana saying please come but he did not reply till now.
— ANI (@ANI_news)
इससे पूर्व कलाकारों के प्रतिनिधिमंडल ने . खेर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने लेखकों और अन्य हस्तियों द्वारा अपने अवॉर्ड विरोध के तौर पर लौटाने के कदम को देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करार दिया. कहा गया कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए विकास को पटरी से उतारने की कोशिश की जा रही है.
इनपुट: भाषा