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अवॉर्ड लौटाने वालों पर बिफरे अनुपम खेर, बोले- 84 के दंगों में नहीं दिखी असहिष्णुता

अनुपम खेर ने अवॉर्ड लौटाने वाले साहित्यकारों, लेखकों. वैज्ञानिकों की मंशा पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि क्या इन साहित्यकारों को 1984 के दंगों में, 1975 के आपातकाल में असहिष्णुता नहीं दिखी?

अनुपम खेर अनुपम खेर

बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर अवॉर्ड लौटाने वालों पर बिफर गए. उन्होंने अवॉर्ड लौटाने वाले साहित्यकारों, लेखकों. वैज्ञानिकों की मंशा पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि क्या इन साहित्यकारों को 1984 के दंगों में, 1975 के आपातकाल में असहिष्णुता नहीं दिखी?

अनुपम ने कहा, जब कश्मीरी पंडितों की बहनों, बेटियों की रेप कर हत्या कर दी गई तब उन्हें असहिष्णुता नजर नहीं आई? ऐसा क्या हो गया है कि असहिष्णुता है. सड़कों पर टैंक घूम रहे हैं या हम सेना के शासन में आ गए हैं?उन्होंने ये बातें शनिवार को मार्च फॉर इंडिया से पहले कहीं.

बोले- यह सरकार के खिलाफ विरोध है
अनुपम ने कहा कि अवॉर्ड लौटाने वालों में बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्होंने 2014 में एक याचिका पर हस्ताक्षर किए थे कि नरेंद्र मोदी हमें पसंद नहीं हैं और हमें इन्हें पीएम नहीं बनने देना चाहिए. अब उन्हें अपना रुख बदलना चाहिए था. यह सिलेक्टिव विरोध है, जो इस सरकार के खिलाफ है. 

पुरस्कार लौटाने से देश की बदनामी
अनुपम ने कहा कि अवॉर्ड लौटाने से देश की बदनामी होती है. यह देश को बदनाम करने की साजिश है. अवॉर्ड लौटाने वालों को समझना चाहिए कि मोदी ये पुरस्कार अपने घर नहीं ले जाते. ये देश का अपमान करते हैं. उस जूरी का अपमान करते हैं, दर्शकों का अपमान करते हैं.

अमित शाह के बयान पर हुए बैकफुट
अनुपम से पूछा गया कि अमित शाह जब कहते हैं कि बिहार में बीजेपी हारी तो पाकिस्तान में पटाखे फूटेंगे, इसका क्या मतलब है? इस पर उन्होंने कहा, 'मैंने यह नहीं सुना, लेकि आपकी बात मान भी लूं तो वही बता सकते हैं कि उन्होंने ऐसा बयान क्यों दिया.'

कहा- योगी आदित्यनाथ का बयान घटिया
शाहरुख के खिलाफ आए बयानों पर अनुपम ने कहा कि योगी आदित्यनाथ का बयान घटिया था. दिग्विजय सिंह जब अपनी कुलीग के बारे में बोलते हैं कि बहुत टंच माल है तो क्या यह शोभनीय बात है. हर पार्टी में कुछ लोग होते हैं जो उसे बदनाम करते हैं.'

राज्यसभा सीट से किया इनकार
अनुपम ने इससे भी मना किया कि वह अपनी पत्नी किरण खेर के कारण मोदी सरकार के पक्ष में खड़े हुए हैं, क्योंकि वे बीजेपी की सांसद हैं. अनुपम ने कहा कि किरण को मेरी जरूरत इस काम के लिए नहीं पड़ेगी. मैं उनकी ताकत समझता हूं. राज्यसभा सीट की मंशा पर अनुपम ने कहा कि मुझे किसी से कुछ नहीं चाहिए. न बीजेपी की सदस्यता चाहिए और न ही राज्यसभा की सीट.

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