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बीफ पर मोदी सरकार के फैसले से हो सकते हैं गृहयुद्ध जैसे हालात: CPI नेता डी राजा

राजा का कहना था कि अगर मोदी सरकार ने इस फैसले को रद्द नहीं किया तो देश में गृहयुद्ध जैसे हालात हो सकते हैं. उन्होंने कहा, 'सड़क पर गाय का काटा जाना इस फैसले के खिलाफ गुस्से के चरम का इजहार है. सरकार को लोगों के खाने की पसंद तय करने का कोई हक नहीं है.'

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CPI नेता डी राजा का विवादित बयान
CPI नेता डी राजा का विवादित बयान

कत्ल के लिए मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर पाबंदी केरल में एक बड़ा सियासी मुद्दा बन चुकी है. लेकिन इस मसले पर अब सीपीआई नेता डी राजा ने कुछ ऐसा बयान दिया है जिसपर त्योरियां चढ़ना तय है.


राजा का कहना है कि अगर मोदी सरकार ने इस फैसले को रद्द नहीं किया तो देश में गृहयुद्ध जैसे हालात हो सकते हैं. उन्होंने कहा, 'सड़क पर गाय का काटा जाना इस फैसले के खिलाफ गुस्से के चरम का इजहार है. सरकार को लोगों के खाने की पसंद तय करने का कोई हक नहीं है.' राजा केरल में यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं पर सरेआम गाय काटने के आरोप का जिक्र कर रहे थे. हालांकि कांग्रेस ने इस सिलसिले में एक कार्यकर्ता को पार्टी से बाहर निकाला है. राहुल गांधी ने खुद इस घटना की निंदा की है.

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डी राजा ने सेनाध्यक्ष बिपिन रावत के उस बयान की भी आलोचना की जिसमें उन्होंने कश्मीरी युवक को जीप पर बांध मानव ढाल बनाने के मेजर गोगोई के फैसले का समर्थन किया था. जनरल रावत ने कहा था कि सिर्फ दुश्मनों को ही नहीं बल्कि आपके अपने लोगों को भी सेना से डरना चाहिए. डी राजा ने जनरल रावत को नसीहत दी कि उन्हें विवादित बयानों से बचना चाहिए. उनके मुताबिक सेना के किसी भी अफसर को राजनीतिक बयान नहीं देना चाहिए. राजा की राय में कश्मीर सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है. ये एक सियासी मसला है जिससे सिर्फ सरकार निपट सकती है.

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