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गलवान नदी के तेज बहाव में बह गई चीनी सेना की बनाई नई सड़कें

तस्वीरें ये भी दिखाती हैं कि चीनी सैनिकों ने नदी की चौड़ाई को कृत्रिम ढंग से घटाकर जो जमीन हासिल की थी, वो भी पानी में डूब गई है. इसने पिछले हिस्से में चीनी सैनिकों की तैनाती को मध्य और फॉरवर्ड पोजीशन्स से काट दिया है.

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गलवान घाटी में चीनी बिल्ड-अप को रोडब्लॉक्स का सामना
गलवान घाटी में चीनी बिल्ड-अप को रोडब्लॉक्स का सामना

चीनी सैनिकों की गलवान नदी घाटी में बड़ी तैनाती नदी में पानी के तेज बहाव की वजह से कई हिस्सों में बंटी हुई दिखाई देती है. इंडिया टुडे की ओर से रिव्यू की गई सैटेलाइट तस्वीरों से ये सामने आया है. प्लेनेट लैब्स सैटेलाइट की ओर से 25 जून को ली गई तस्वीरों से संकेत मिलता है कि चीन की ओर से बनाई गई नई सड़कें नदी के पानी में बह गई हैं. ये तस्वीरें गलवान एरिया में 15 जून की रात को हुए हिंसक टकराव के 10 दिन बाद खींची गई हैं.

तस्वीरें ये भी दिखाती हैं कि चीनी सैनिकों ने नदी की चौड़ाई को कृत्रिम ढंग से घटाकर जो जमीन हासिल की थी, वो भी पानी में डूब गई है. इसने पिछले हिस्से में चीनी सैनिकों की तैनाती को मध्य और फॉरवर्ड पोजीशन्स से काट दिया है. गलवान घाटी में अभी तक चीनी सेना यानि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के पीछे हटने के कोई संकेत नहीं हैं.

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1_062920083553.jpgImage Credit: Planet Labs/ India Today

2_062920083610.jpgImage Credit: Planet Labs/ India Today

3_062920083636.jpgImage Credit: Planet Labs/ India Today

नदी के दक्षिणी किनारे पर PLA के बड़े टेंट उत्तरी किनारे पर खड़े वाहनों से कटे दिखते हैं क्योंकि दोनों किनारों को मिलाने वाला पुल पानी के तेज बहाव में बह गया है.

4_062920083701.jpgImage Credit: Planet Labs/ India Today

इंडिया टुडे की ओर से तस्वीरों का विश्लेषण संकेत देता है कि PLA सैनिकों की ओर से नदी की चौड़ाई को घटा कर तैयार की गई जमीन के कुछ हिस्से भी पानी के साथ बह गए हैं.

5_062920083729.jpgImage Credit: Planet Labs/ India Today

वादे के मुताबिक पीछे नहीं हटे चीनी

माल्दो में सीनियर कमांडर्स की दस घंटे तक चली बैठक में पीछे हटने पर आम सहमति बनने के बावजूद चीनियों ने गलवान घाटी में बड़ा बिल्ड अप बनाना जारी रखा. तस्वीरों से चीनी सैनिकों की संख्या या तैनाती में कटौती का संकेत नहीं मिलता. यहां वातावरण के रंग में छुपाए टेंट्स, वाहनों, सड़क बनाने वाली जेसीबी जैसी मशीनें की बड़ी मौजूदगी देखी जा सकती है.

6_062920083814.jpgImage Credit: Planet Labs/ India Today

पेट्रोल प्वाइंट 14 के पास का क्षेत्र ताजा तस्वीरों में 12 जून को ली गई तस्वीरों की तुलना में अधिक साफ नजर आता है. इन तस्वीरों में भी चीनी तिरपाल और पास के टेंट नजर आते हैं.

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7_062920083848.jpgImage Credit: Planet Labs/ India Today

भारतीय पक्ष की तरफ भी बैक अप पोजीशन्स (यहां नहीं दिखाई गईं) को सैनिकों की अधिक तैनाती के साथ मजबूत किया गया है.

भारत ने शुक्रवार को चीन को LAC पर यथास्थिति को बदलने की किसी भी कोशिश के खिलाफ आगाह किया था. चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिस्री ने कहा है कि गलवान घाटी पर सम्प्रभुता को लेकर चीन का हालिया दावा पूरी तरह ‘असमर्थनीय’ है.

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