उद्योगपति विजय माल्या के खिलाफ गैर-जमानती वारंट पर अब फैसला 18 अप्रैल को PMLA कोर्ट को सुनाएगा. शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय ने PMLA कोर्ट में गैर-जमानती वारंट जारी करने की अर्जी दी थी. इससे पहले शुक्रवार को विजय माल्या का पासपोर्ट निलंबित कर दिया गया. प्रवर्तन निदेशालय ने विदेश मंत्रालय से माल्या का पासपोर्ट निलंबित करने की मांग की थी.
माल्या के खिलाफ कोर्ट में ईडी का तर्क
माल्या के खिलाफ गैर-जमानती वारंट को लेकर ने अपनी अर्जी में कहा था कि माल्या मामले को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं. उनको ईडी की स्पेशल कोर्ट में हाजिर होने के लिए तीन बार समन जारी किया गया. लेकिन उनकी तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं आया. हालांकि माल्या ईमेल और फोन के जरिये कोर्ट की कार्यवाही में शामिल होने को तैयार हैं. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये जांच एजेंसियां तय करेंगी उसे किस तरह मामले की जांच करनी है. प्रवर्तन निदेशालय ने विजय माल्या के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. इस एक्ट के तहत किसी आरोपी को अधिकतम तीन बार ही हाजिर न होने की छूट दी जा सकती है.
Arguments on ED's plea seeking NBW against Vijay Mallya completed, Special PMLA Court reserves order till April 18th
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माल्या को ईडी ने 18 मार्च, 2 अप्रैल और 9 अप्रैल को ईडी के मुंबई ऑफिस में मौजूद रहने को समन दिया था. लेकिन माल्या यह कहकर ईडी के समक्ष पेश नहीं हुए कि उनके वकील ईडी को सहयोग दे रहे हैं और वे अपने कारोबारी कामों में व्यस्त हैं. माल्या ने कहा कि वह इस केस में मई में ही ईडी के समक्ष पेश हो सकेंगे. गौरतलब हो कि माल्या आजकल इंग्लैंड में हैं. उन पर भारतीय बैंक और वित्तीय संस्थाओं का करीब 9000 करोड़ का लोन बकाया है.
ED Lawyer said during arguments: Vijay Mallya is a powerful person with lot of Money, he may tamper with the evidence
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सुप्रीम में माल्या पर 26 अप्रैल को सुनवाई
वहीं पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने एक सुनवाई के दौरान कहा कि विजय माल्या 21 अप्रैल तक हर हाल में बताएं कि वह कब पेश होंगे. कोर्ट ने ये भी कहा है कि जिसके बाद ही बैंकों से आगे बात का रास्ता साफ होगा. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने विजय माल्या से संपत्ति का ब्यौरा मांगा है. माल्या को देश-विदेश में मार्च 2016 तक की संपत्ति का ब्यौरा देना होगा. मामले की अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी.
बैंको ने ठुकराया माल्या का ऑफर
किंगफिशर एयरलाइंस को कर्ज देने वाले बैंकों ने कंपनी के मालिक विजय माल्या से लोन चुकाने के लिए बेहतर ऑफर की मांग की है. इस पर किंगफिशर के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से कर्ज चुकाने का नया प्रस्ताव बनाने के लिए दो हफ्तों का समय मांगा है. माल्या ने सुप्रीम कोर्ट में 30 सितंबर तक 17 बैंकों को 4000 करोड़ का लोन चुकाने की पेशकश की थी. जिसे बैंकों ने ठुकरा दिया.