उत्तर प्रदेश के बाद अब पंजाब सरकार ने भी प्रकाश झा की विवादास्पद फिल्म ‘आरक्षण’ के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है. पंजाब सरकार ने आशंका व्यक्त की है कि फिल्म के कुछ दृश्य और डायलॉग प्रदेश में अशांति पैदा कर सकते हैं.
शिरोमणि अकाली दल-भाजपा सरकार ने कहा है कि जब तक सरकार द्वारा गठित समिति फिल्म देखकर अपनी रिपोर्ट नहीं जमा कर देती, तब तक फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगी रहेगी.
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि इस बारे में खुफिया खबरें मिलीं थीं कि फिल्म के कुछ दृश्यों और डायलॉग से पंजाब के कुछ समुदायों की भावनाएं भड़क सकती हैं, जिसके बाद इस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया.
इसके पहले बुधवार को मायावती सरकार ने भी फिल्म पर प्रदेश में दो महीने तक के लिए यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि इससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था संबंधी परेशानी पैदा हो सकती है.उत्तर प्रदेश की बसपा सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाई थी, जिसकी अनुशंसाओं के बाद फिल्म को प्रतिबंधित करने का फैसला किया गया.
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पी एल पुनिया ने संवाददाताओं से कहा कि फिल्म का केंद्र बिंदु शिक्षा का व्यावसायीकरण है, जिसमें पिछड़े वर्ग के लोगों के खिलाफ कई आपत्तिजनक डायलॉग हैं. फिल्म के दूसरे हिस्से में आरक्षण से जुड़ा कोई विचार-विमर्श नहीं है. हमने सेंसर बोर्ड से कहा है कि वह इसमें जरूरी बदलाव करे.