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केजरीवाल ने कहा, नहीं भंग होगी कोर समिति

टीम अन्ना के कुछ सदस्यों पर वित्तीय अनियमितता के आरोपों को लेकर इसके पुनर्गठन की मांग के बीच कोर समिति की यहां बैठक समाप्‍त हो चुकी है. बैठक के बाद टीम अन्‍ना के सदस्‍य अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अन्ना हजारे आंदोलन की कोर कमेटी को भंग करने का सवाल ही नहीं उठता है. 

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अरविंद केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल

अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के प्रमुख सदस्यों पर पिछले कुछ दिन से लग रहे आरोपों के बीच हजारे पक्ष ने शनिवार को अपनी कोर कमेटी को भंग करने की अटकलों को खारिज कर दिया और कहा कि सरकार के हमलों का टीम मजबूती से जवाब देगी.

कोर कमेटी की यहां हुई बैठक में आम सहमति से फैसला किया गया कि इसे भंग नहीं किया जाएगा. बैठक में पारित प्रस्ताव के बारे में संवाददाताओं से बातचीत में अन्ना टीम के प्रमुख सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोर कमेटी को भंग करने का सवाल ही नहीं उठता. कश्मीर पर दिये गये बयान के बाद विवाद में आये प्रशांत भूषण को टीम में रखने या नहीं रखने के सवाल पर अरविंद ने कहा कि हम सब बंद मुट्ठी की तरह साथ हैं.

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उन्होंने केंद्र की संप्रग सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जन लोकपाल के मुद्दे से देश का ध्यान भटकाने के लिए और आंदोलन की छवि खराब करने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है और कोर कमेटी के सदस्यों पर हमले किये जा रहे हैं. इसका हम मजबूती से जवाब देंगे और देश का ध्यान लोकपाल के मुद्दे से नहीं हटने देंगे. भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में आये लाखों रुपये के चंदे को अरविंद केजरीवाल द्वारा संचालित एक एनजीओ के खाते में जमा करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पब्लिक कॉज रिसर्च फाउंडेशन पिछले पांच साल से अस्तित्व में है. अक्तूबर 2010 से यह संगठन आंदोलन के खातों का संचालन कर रहा है. रालेगण सिद्धी में हुई कोर कमेटी की बैठक में तय हुआ था कि आगे भी पीसीआरएफ जिम्मेदारी निभाता रहेगा.


केजरीवाल ने वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आर्थिक सहयोग देने वालों से चैक पीसीआरएफ के नाम लिये जाते रहे हैं और इसका पूरा विवरण आंदोलन की वेबसाइट पर मौजूद है. कोर कमेटी में बदलाव या विस्तार के सवाल पर टीम के सदस्य प्रशांत भूषण ने कहा कि टीम के पुनर्गठन और उसे मजबूती प्रदान करने की गुंजाइश हमेशा बनी रहेगी और भविष्य में आवश्यकतानुसार ऐसा किया जाएगा लेकिन फिलहाल इसकी जरूरत नहीं लगती.

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उन्होंने हिसार में कांग्रेस के खिलाफ प्रचार करने के फैसले को जायज ठहराते हुए कहा कि वर्किंग कमेटी में आम सहमति से यह फैसला किया गया था और अगर सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में लोकपाल विधेयक को पारित नहीं करती तो अगले साल पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में भी हिसार जैसा आंदोलन चलाया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार अगर ऐसे ही आंदोलन पर निशाना साधती रही तो जनता के बीच गलत संदेश जाएगा और आंदोलन और अधिक मजबूत होगा.

केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोकपाल विधेयक पारित करने का आश्वासन देने के लिए हजारे को पत्र लिखने में देरी की. अगर वह 10 अक्तूबर से पहले आश्वासन दे देते तो टीम अन्ना को हिसार जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती. प्रशांत ने कोर कमेटी पर उठ रहे विवाद पर कहा कि कोर कमेटी का चुनाव नहीं हो सकता और जिस हालात में आंदोलन शुरू हुआ तब संचालन के लिए एक समिति की जरूरत थी और उस समय उपलब्ध लोग कमेटी में शामिल हुए.

सदस्यों के बीच कोई मतभेद नहीं होने पर जोर देते हुए केजरीवाल ने कहा कि बैठक में सदस्यों का विचार था कि लाखों स्वयंसेवकों ने कोर कमेटी के सदस्यों के साथ मिलकर आंदोलन में अहम भूमिका निभाई है और कमेटी को भंग करने की जरूरत नहीं है. टीम से दो प्रमुख सदस्यों राजेंद्र सिंह और पीवी राजगोपाल के इस्तीफों के संदर्भ में केजरीवाल ने कहा कि बैठक में भी इस विषय पर चर्चा हुई और सभी सदस्यों को खेद है कि दोनों सदस्यों ने टीम से अलग होने की जानकारी मीडिया में दी. इसके बजाय उन्हें कमेटी के सदस्यों के साथ बैठकर बातचीत करनी चाहिए थी.

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इन दोनों सदस्यों के आरोपों पर केजरीवाल ने कहा कि राजगोपाल और राजेंद्र सिंह ने पिछले ढाई..तीन महीने से कोर कमेटी की बैठक में हिस्सा नहीं लिया और उन्हें फैसलों की जानकारी नहीं थी. केजरीवाल ने कहा कि दोनों ने उन पर और किरण बेदी पर घमंडी होने का आरोप लगाया है लेकिन हमारा उनसे कोई मतभेद नहीं है. उन्होंने कहा कि हो सकता है हमसे कोई त्रुटि हुई हो. अगर वे भविष्य में भी हमारी.त्रुटियों की ओर इशारा करेंगे तो हम बदलाव करेंगे. उन्होंने टीम के प्रमुख सदस्य कुमार विश्वास द्वारा अन्ना हजारे को कोर कमेटी में बदलाव के लिए कल लिखी चिट्ठी मीडिया को सार्वजनिक करने पर भी खेद जताया. साथ ही कहा कि कुमार से कोई मतभेद नहीं है और वह हमारे साथ हैं.

कुमार विश्वास बैठक में शामिल नहीं हुए क्यांेकि वह तोक्यो गये हैं और दो नवंबर को लौटेंगे. इंडिया अगेंस्ट करप्शन की कोर कमेटी की बैठक में हजारे शामिल नहीं हुए. उन्होंने अरविंद केजरीवाल और किरण बेदी पर लगे सिलसिलेवार आरोपों तथा राजेन्द्र सिंह एवं राजगोपाल के इस्तीफे के बीच 16 अक्तूबर से मौन व्रत धारण कर रखा है. हालांकि केजरीवाल और प्रशांत भूषण बैठक में हुई चर्चा पर अन्ना को जानकारी देने के लिए शनिवार रात रालेगण सिद्धी रवाना होंगे.

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बैठक में मेधा पाटकर, संतोष हेगड़े और दिल्ली के आर्क बिशप विंसेंट एम कांसेसाओ ने भी शिरकत नहीं की. इनके अलावा 25 सदस्यीय कमेटी के अन्य सभी सदस्यों ने बैठक में हिस्सा लिया, जिनमें शांति भूषण, मनीष सिसौदिया, देवेंद्र शर्मा आदि हैं. लोकपाल विधेयक को लेकर टीम अन्ना के प्रमुख सदस्य तीन.चार नवंबर को संसदीय स्थाई समिति के समक्ष भी जाएंगे.
सरकार द्वारा लोकपाल को संवैधानिक संस्था बनाने पर जोर देने की संभावना के सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि संवैधानिक संस्था बनाई जाए तो अच्छी बात है लेकिन एक सख्त कानून लाना होगा और यह भ्रम फैलाना गलत है कि संवैधानिक संस्था के पास ज्यादा अधिकार होंगे.

किरण बेदी पर आयोजकों से बिजनेस श्रेणी का हवाई यात्रा का किराया लेने और कम किराये में यात्रा करने के मुद्दे पर उठे विवाद पर केजरीवाल ने कहा कि यह उनका और आयोजकों के बीच का निजी मामला है और कमेटी का मानना है कि इसमें कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ.

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