गांधीवादी अन्ना हज़ारे ने स्पष्ट किया कि उनके भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की कोर समिति में विशेषकर अरविंद केजरीवाल तथा प्रशांत भूषण का अन्य सदस्यों के साथ अच्छा तालमेल है और उनमें मतभेद होने का सवाल ही खड़ा नहीं होता.
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अपने बयान में हज़ारे ने कहा, ‘मैंने पहले भी कहा था कि इस आंदोलन को तोड़ने की कोशिश की जा रही है. वास्तविकता में कोर कमेटी के सभी सदस्यों में अच्छा तालमेल है. अरविंद केजरीवाल या प्रशांत भूषण को बदलने का सवाल ही खड़ा नहीं होता. हमारी टीम में कोई मतभेद नहीं हैं.’
गांधीवादी कार्यकर्ता ने कहा, ‘न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकार ने मुझसे अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण के बारे में सवाल किया था कि भूषण अर्थनीति पर और अरविंद प्रधानमंत्री पर टीका टिप्पणी करते हैं. क्या मैं इससे सहमत हूं तथा क्या कुछ वरिष्ठ सदस्यों में मतभेद हैं.’
हज़ारे के अनुसार, ‘इस पर मैंने कहा था कि हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है. अगर कोई कमियां हैं तो वह इसकी जानकारी लेंगे और कमियां नजर आने पर उन्हें दूर करने के प्रयास करेंगे.’
उन्होंने कहा कि उनके इस बयान का गलत अर्थ निकाला गया और कहा गया कि वह अरविंद केजरीवाल तथा प्रशांत भूषण को बदलेंगे. उन्होंने कहा कि यह बात पूरी तरह झूठ है और वह इसका खंडन करते हैं.
हज़ारे ने दोहराया कि सामाजिक कार्यकर्ताओं के आंदोलन को तोड़ने की कोशिश की जा रही है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है.