ने ट्विट किया है कि आयकर विभाग के खिलाफ जांच कर रहा है. साथ ही उन्होंने लिखा कि गडकरी पर आयकर विभाग को एक महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपनी चाहिए. लेकिन आयकर विभाग के पास इस जांच को करने का कोई प्रावधान नहीं है.
इसका मतलब है कि सरकार लोगों को बेवकूफ बना रही है. आयकर अधिनियम के धारा 132 के तहत छापा, 113 ए के तहत सर्वे और धारा 143 के तहत जांच किया जा सकता है. सरकार इनमें से किस नियम के तहत गडकरी के खिलाफ जांच कर रही है यह जनता को बताये.
केजरीवाल ने सवाल उठाया कि क्या गडकरी पर जांच या सर्वे से आयकर को कुछ हासिल भी होगा? उन्होंने कहा कि आमतौर पर इस तरह की जांच गुप्त रूप से की जाती है लेकिन यहां तो ढिंढोरा पीट कर जांच का एलान किया गया है तो भला क्या मिलेगा.
इसके बाद केजरीवाल ने आयकर विभाग के पर भी कोई कार्रवाई नहीं करने पर सवाल उठाया और कहा, ‘वाड्रा का क्या हुआ? क्या किसी सरकारी एजेंसी में इतनी ताकत है कि वो केवल वाड्रा को बुला भी सके या उनके खिलाफ जांच की शुरुआत करे. केजरीवाल के एनजीओ पर भी सवाल उठा चुके हैं.
केजरीवाल ने सवाल उठाया कि आखिर जब गडकरी के खिलाफ जांच हो सकती है तो वाड्रा के खिलाफ क्यों नहीं? केजरीवाल ने कहा, ‘ये समस्याएं और इनसे निपटने के तरीके ही आंखे खोलने के लिए काफी है. समय ही बतायेगा कि कैसे भ्रष्टाचार के मामलों में कांग्रेस और बीजेपी भाई-भाई हैं.’
उन्होंन एक अखबार का हवाला देते हुए कहा, ‘एक अखबार में खबर है कि हरियाणा सरकार ने वाड्रा के क्लिन चिट दी है. ये तो होना ही था. देश की जनता को आश्चर्य तब होता जब इसका नतीजा इसके उलट होता.’