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Netresh Sharma: आग में फंसी थी फैमिली, जान पर खेल कांस्टेबल ने बचाई मासूम समेत 3 की जान, जमकर तारीफ

कांस्टेबल नेत्रेश के साहस की हर तरफ तारीफ हो रही है. नेत्रेश की बहादुरी को देख मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी उन्हें फोन कर बधाई और शुभकामनाएं दी. नेत्रेश को कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नत करने का ऐलान किया. नेत्रेश 2013 में कांस्टेबल के रूप में नियुक्त हुए थे. अभी वे करौली शहर चौकी पर तैनात हैं.

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राजस्थान के करौली में आगजनी के दौरान बच्चे की जान बचाता कांस्टेबल नेत्रेश
राजस्थान के करौली में आगजनी के दौरान बच्चे की जान बचाता कांस्टेबल नेत्रेश
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राजस्थान के करौली में फैली थी हिंसा
  • कांस्टेबल ने बचाईं 3 जिंदगियां

कहा जाता है कि एक तस्वीर एक हजार शब्दों के बराबर होती है. राजस्थान के करौली में हुई हिंसा के बीच ऐसी ही एक फोटो सामने आई है. आग की लपटों के बीच कांस्टेबल के कंधे पर एक मासूम है. ये तस्वीर अपने आप में पूरी कहानी गढ़ रही है. कांस्टेबल ने अपनी जान पर खेलकर मासूम समेत 3 लोगों को हिंसा में झुलसे इलाके से सुरक्षित निकाला. इस तस्वीर की हर कोई तारीफ कर रहा है. 

दरअसल, राजस्थान के करौली में नव संवत्सर के अवसर पर रैली के दौरान हिंसा फैल गई थी. इस दौरान मारपीट और आगजनी की घटनाएं भी हुईं. हिंसा के बीच साहस दिखाते एक पुलिसकर्मी की सोशल मीडिया पर हर कोई तारीफ कर रहा है.

इस पुलिसकर्मी ने आगजनी की घटना के दौरान मासूम समेत 3 लोगों की जान बचाई. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी कांस्टेबल से फोन कर तारीफ की है. साथ ही पदोन्नति का तोहफा भी दिया. 

 

कौन है पुलिसकर्मी ?

राजस्थान के करौली में हिंसा फैली थी. असामाजिक तत्वों द्वारा दुकानें जला दी गईं. हर तरफ आग की लपटें नजर आ रही थीं. हिंसा और आग के बीच फूटा कोट क्षेत्र स्थित दुकान में एक मासूम और दो महिलाएं भी फंस गई थीं. ये दोनों महिलाएं और उनकी गोद में बैठा मासूम आग की जलती लपटों के बीच बेहद डरी और सहमी नजर आ रही थीं. 

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तभी इन पर करौली शहर चौकी पर तैनात कांस्टेबल नेत्रेश की नजर पड़ी. कांस्टेबल ने अपनी जान की परवाह किए बिना तीनों को बचाने का फैसला किया. नेत्रेश ने महिलाओं के पास मौजूद दुपट्टे से मासूम को ढका और उसे गोद में उठाकर आग की लपटों के बीच तेजी से दौड़ता हुआ बाहर निकला.

जलती दुकानों के बीच कांस्टेबल नेत्रेश ने अपनी जान की परवाह किए बिना मासूम और महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला. ये तस्वीर देखकर लग रहा है मानों कोई फिल्मी सीन हो, जहां हीरो किसी को बचाते हुए निकलता दिखाया जाता है. मगर, रील लाइफ से अलग कांस्टेबल नेत्रेश ने जो किया, वो रियल लाइफ की लाइव तस्वीर है. यही वजह है कि हर कोई इस फोटो को देख शाबाशी दे रहा है.

कांस्टेबल नेत्रेश के साहस की हर तरफ तारीफ हो रही है. नेत्रेश की बहादुरी को देख मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी उन्हें फोन कर बधाई और शुभकामनाएं दी. नेत्रेश को कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नत करने का ऐलान किया. नेत्रेश 2013 में कांस्टेबल के रूप में नियुक्त हुए थे. अभी वे करौली शहर चौकी पर तैनात हैं. 

 

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