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6 महीने का वनवास खत्म कर 13 को गुजरात वापिस लौटेंगे हार्दिक पटेल

हार्दिक ने इस मोके पर पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मोदी और अमित शाह से उन्हें हमेशा जान का खतरा है और वे दोनों कभी भी उन्हें जेल में वापस डलवा सकते हैं.

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हार्दिक पटेल
हार्दिक पटेल

गुजरात हाईकोर्ट के आदेश से पिछले 6 महीने से राज्यबदर की सजा काट रहे गुजरात पटेल आंदोलन के संयोजक हार्दिक पटेल अपना 6 महीने का वनवास काट कर 17 जनवरी को उदयपुर से गुजरात रवाना होंगे. उदयपुर से रवाना होने के साथ ही हार्दिक पटेल पहले दिन ही गुजरात में प्रवेश कर हिम्मतनगर में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे. हालांकि 13 जनवरी को ही हार्दिक पटेल की गुजरात से 6 महीने तक बाहर रहने की हाईकोर्ट की सीमा खत्म हो गई थी मगर मलमास की वजह से हार्दीक ने गुजरात जाने का कार्यक्रम टाल दिया और 17 जनवरी को शुभ दिन देखते हुए गुजरात जाने का ऐलान किया है.

उदयपुर में आजतक से खास बातचीत में ने कहा कि पाटीदारों पर जिन लोगों ने अत्याचार किया है उनके खिलाफ जोरदार लड़ाई लड़ी जाएगी. यही नहीं इसबार पाटीदार समाज आरक्षण को लेकर पूरे जोश के साथ पहले से बड़ी लड़ाई लड़ी जायेगी.

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हार्दिक ने 17 तारीख को हिम्मतनगर में पाटीदारों की होने वाली विशाल जनसभा को लेकर भी अपनी बात रखी. हार्दिक ने कहा की बड़ी संख्या में लोग हिम्मतनगर वाली जनसभा में एकत्रित होने वाले हैं और वहीं से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जायेगा. उदयपुर से विशाल जुलूस के रुप में गुजरात सीमा तक हार्दिक को ले जाया जाएगा. जिसके लिए 5000 मोटरसाइकल की व्यवस्था की गई है. हिम्मत नगर से हार्दिक ने इस दौरान गुजरात की रुपानी सरकार पर निशाना साधते हुए उसे सिर्फ बातें करने वाली सरकार बताया.

हार्दिक ने इस मोके पर पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मोदी और अमित शाह से उन्हें हमेशा जान का खतरा है और वे दोनों कभी भी उन्हें जेल में वापस डलवा सकते हैं.

ने कहा कि गुजरात जाने के बाद की रणनीति कोई खास नहीं है लेकिन उन लोगों के सामने लड़ेंगे जिन्होंने हम पर जुल्म और अत्याचार किये हैं. ये पूरी लड़ाई आरक्षण को लेकर है. आरक्षण मांगने के लिए लड़ रहे हैं और पूरे जोश के साथ लड़ेंगे.

गुजरात की बीजेपी सरकार को हमने पूरी डिटेल के साथ कागज सौंपे हैं, लेकिन उनकी और से कोई रिटर्न जवाब नहीं दिया गया. ये सिर्फ लोगों को लड़ाकर अपनी राजनीतिक रोटियों को सेकते हैं. पटेल समाज ने गुजरात बॉर्डर पर स्वागत का कार्यक्रम रखा है और वही से हिम्मतनगर जायेंगे और 2-3 लाख लोगों की जनसभा में भाग लेंगें. इस बार इस तरह का बिगुल फूकेंगे और आरपार की लड़ाई लड़ेंगें.

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उन्होंने कहा कि तो किसान पंचायत के कार्यक्रम में आयेंगे, चुनाव लड़ने को लेकर कहा कि हम लोग गुजरात विधान सभा में कोई उम्मीदवार नहीं उतारेंगे लेकिन बीजेपी के खिलाफ जरुर लड़ेंगे. हार्दिक ने कहा कि फिलहाल मैं घर नहीं जाऊंगा. गांव- गांव घुमूंगा लेकिन में यह नहीं कहूँगा की मैं फक़ीर हूं. मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि फ़क़ीर वाली बात बेवकूफ करते हैं. मैं यह कहूँगा कि मैं लोगों के लिए काम करना चाहता हूं.

गौरतलब है कि गुजरात हाईकोर्ट के 48 घंटे भीतर 6 महीने के लिए गुजरात छोड़ने के आदेश के बाद से ही हार्दिक राजस्थान के उदयपुर में रह रहे थे. इस दौरान हार्दिक को नजरबंद भी किया गया था. सीसीटीवी और पुलिस के कैद में रखा जा रहा था. इसबीच बाहर जाने को लेकर और टोल पर टोल टैक्स न चुकाने को लेकर राजस्थान पुलिस ने हार्दिक के ऊपर तीन मुकदमे भी किए. मगर 55 दिन बाद राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर से आदेश लेकर वो राजस्थान के बाहर यूपी, बिहार और दिल्ली गए.

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