पंजाब में नई सरकार को आए अभी महीना ही हुआ है. इसी सरकार के एक कैबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत को स्कूल में नए बिल्डिंग के उद्घाटन के लिए बुलाया गया. लेकिन नई बिल्डिंग के ब्लॉक पर लगे पत्थर को देखकर मंत्री जी को तैश आ गया और स्कूल की प्रिंसिपल को मीडिया के सामने ही तत्काल सस्पेंड करने की धमकी तक दे डाली.
: Cong Min Sadhu Dharamsot gets angry on a school principal in Nabha after spotting his name listed 3rd on inaugration. stone
— ANI (@ANI_news)
नाभा के सरकारी सेकेंड्री स्कूल (गर्ल्स) में गुरुवार को नई बिल्डिंग का उद्घाटन करने मंत्री साधू सिंह धर्मसोत पहुंचे. बिल्डिंग पर लगे पत्थर पर उद्घघाटनकर्ता के तौर पर पहले नंबर पर डा मधु मंगल, संस्थापक, संतोष देवी चैरिटेबल ट्रस्ट का नाम था. दूसरे नंबर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करने वाले इंजीनियर राकेश कुमार का नाम लिखा था. तीसरे नंबर पर विशेष अतिथि के तौर पर कैबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत का नाम था.
यही देखकर भड़क गए. उन्होंने तत्काल प्रिंसिपल को बुला कर तमतमाते हुए कहा कि किसने लगवाया ये पत्थर. इस पर प्रिंसिपल ने कहा कि ये तो कमेटी ने लगवाया है. इस पर मंत्री जी ने प्रिंसिपल से कहा कि वो तत्काल उन्हें सस्पेंड करा सकते हैं. मंत्री ने प्रिंसिपल से ये भी कहा कि आपको इतना भी नहीं पता कि चीफ गेस्ट का नाम कहां लिखा जाना चाहिए.
मंत्री ने ये भी पूछा कि बिल्डिंग के 15 कमरे बनवाने में कितनी लागत आई. जवाब मिला एक करोड़ 30 लाख रुपए. इस पर मंत्री ने कहा कि वो जांच कराएंगे कि इतनी में सिर्फ 15 कमरे ही कैसे बने.
हैरानी की बात है स्कूल की नई बिल्डिंग के निर्माण के लिए संतोष देवी चैरिटेबल ट्रस्ट और निजी तौर पर लोगों की मदद से रकम जुटा कर खर्च की गई है. प्रिंसिपल के मुताबिक स्कूल 1938 से बना हुआ है. स्कूल की इमारत बहुत ही जर्जर हो गई थी. सरकार से कई बार इसके लिए गुहार लगाई गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. इस पर श्रीमती संतोष देवी ने 25 लाख रुपए की सहायता की. 2012 में नई बिल्डिंग के निर्माण का कार्य शुरू हुआ जो अब पूरा हुआ.
ये भी बताया गया कि स्कूल में 12 कमरों, एक टीचर रूम, एक लैब, 7 टॉयलेट का निर्माण कराया गया. स्कूल में 2200 लड़कियां हैं जिन्हें पहले टीन की छतों के नीचे बहुत ही दयनीय हालत में पढ़ना पड़ता था.
हालांकि बाद में मंत्री साधू सिंह धर्मसोत से पत्थर पर नाम को लेकर हुए विवाद के बारे में कैमरे पर पूछा गया तो उनके सुर दूसरे ही दिखाई दिए. धर्मसोत ने उलटे सवाल किया कि उन्होंने से इस बारे में कुछ कहा क्या. धर्मसोत के अनुसार अंदर तो कई तरह की बातें होती रहती हैं लेकिन जरूरी कोई उन सबको तूल दिया जाए.
अब मंत्री जी जो भी कहें लेकिन पत्थर पर अपने नाम को तीसरे नंबर पर देखकर तैश में आने की तस्वीरें तो पहले ही कैमरे में कैद हो गई थीं.