भगवंत मान की रिपोर्ट मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में पता चला है कि इस मामले में दिल्ली और जींद के पते पर जो लैब बताई गई थीं, वो पूरी तरह से अवैध थीं. इन दोनों ही जगहों पर गैरकानूनी तरीके से काम किया जा रहा था.
बता दें कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक व्यक्ति को सिख गुरुओं की तस्वीरों पर शराब छिड़कते हुए दिखाया गया था. कहा जा रहा था कि ये शख्स कोई और नहीं बल्कि भगवंत मान हैं. लेकिन आम आदमी पार्टी ने इसे एआई जेनरेटेड वीडियो करार दिया था.
विवाद के बाद वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराई गई. गुरुग्राम पुलिस को शिकायत मिली कि पंजाब के कुछ अधिकारियों ने वीडियो को फर्जी साबित करने के लिए एक एक्सपर्ट पर दबाव बनाया और 10 लाख रुपये की रिश्वत दी. दिल्ली और जींद के पतों पर स्थित इन्हीं लैब्स ने भगवंत मान के पक्ष में फोरेंसिक रिपोर्ट जारी की थी.
बिना वैध लाइसेंस के चल रही थीं लैब्स
पुलिस की जांच में ये साफ हो गया है कि दिल्ली और जींद एड्रेस वाली ये दोनों ही लैब बिना किसी वैध लाइसेंस के ऑपरेट की जा रही थीं. नियम के मुताबिक, किसी भी लैब को चलाने के लिए सरकार और संबंधित स्वास्थ्य विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है.
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बिना लाइसेंस के किसी भी तरह की लैब का संचालन पूरी तरह बैन है. किसी भी मेडिकल लैब को सही ढंग से चलाने के लिए सरकार की तरफ से कई तरह के स्टैंडर्ड्स तय किए जाते हैं. लेकिन इन दोनों लैब में किसी भी नियम और कानून का पालन नहीं किया गया.
इन दोनों लैबों में सुरक्षा, साफ-सफाई और जांच के मानकों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा था. एसीपी क्राइम नवीन शर्मा ने एक टेलीफोनिक बातचीत के दौरान इसका खुलासा किया है.