प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में सुशासन और विकास के मूल मंत्र को रेखांकित किया है. उन्होंने कहा कि 'सबका साथ सबका विकास' ही देश के सुशासन का असली आधार है. राजनीति के तहत समाज को वोट बैंक के हिसाब से बांटने की कोशिशों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जब समस्याएं सबकी साझी होती हैं, तो उनका समाधान भी सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए. इसी सोच के साथ सरकार ने सुशासन को सैचुरेशन से जोड़ा है, जिसका अर्थ है कि हर योजना का लाभ हर हकदार व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी पीछे न छूटे.