समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के भीतर जो कुछ भी हुआ है, उससे इसकी निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा होता है. लोकतंत्र को मजबूत करने की जिम्मेदारी जिस संस्था पर है, अगर वह खुद ही पक्षपात करने लगे तो देश का लोकतंत्र खतरे में पड़ जाता है. अखिलेश यादव ने दावा किया कि साल 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के वोटर्स को चिन्हित करके उनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे.